कोई देदे "सज़ा" मुझें मेरे अपने ही गुनाहों की.., मैंने अपनी ही ख़्वाहिशों का बेरहमी से गला घोंटा है। Koi dede &…
Read more »कोई दखल-अंदाज़ी ना करे हमारी ख़ामोशियों से.., हम अभी अपनी ख़्वाहिशों की 'मय्यत' सजा रहे हैं। Koi dakhl-andazi naa …
Read more »देखकर ज़माने की तासीर.., हमने अपनी ख़्वाहिशों के 'पर' काट दिये । Dekhkar zamane ki taaseer.., Humne apni khwahish…
Read more »धज्जियाँ उड़ती देखी है हमने अपनी ही ख़्वाहिशों की, यूँ ही नहीं सीखा ये सलीके से मुस्कुराने का हुनर..!! Dhajjiyan udati de…
Read more »तमाम ख़्वाहिशें मेरी फ़िर बे-मौत ही मर जाती है, क़रीब से मेरे जब वो मुँह फेर कर गुज़र जाती है। Tamam k hwahishen …
Read more »दिल की बाज़ी हम अपने ही हाथों हार कर आये हैं, तमाम ख़्वाहिशों को अपनी बे-मौत मार कर आये हैं, किया जिसने ज़िन्दगी को हमारी…
Read more »बस इक तुझें खोने के बाद.., ख़्वाहिश ही ना रही कुछ पाने की। Bas ik tujhen khone ke baad.., Khwahish hi naa rahi kuchh paa…
Read more »ख़्वाहिशों पे यार यहाँ किसके पहरा है, जिसकी ख़्वाहिश है बस वही बहरा है। Khwahishon pe yaar yahan kiske pahra hai, Jiski k…
Read more »बा-अदब आज़ाद कर दिया आज हमने उस 'परिंदे' को.., जो क़ैद में हमारी होकर, ख़्वाहिश-ए-गुटरगूं ग़ैरों संग रखता था। Ba-a…
Read more »ख़ुदा खैर करे, बेचारे बद-नसीब मोहब्बत के मारों की, वो कौड़ियों में बिक गये, जिन्हें ख़्वाहिश थी हज़ारों की । Khuda khair …
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