"ऐ ज़िन्दगी", तेरे सारे सितम माफ़ कर दूँ मैं.., बशर्ते, दम जब निकले तो यार की बाहों में निकले। "Aye zindag…
Read more »खो गया है दिल का मेरे सुकून कहीं, खुशियों का कहीं अता पता नहीं, ज़िन्दगी सितम पर सितम किये जा रही है, और क्या है ख़ता पता…
Read more »भरकर जाम सुराही से आँखें बंद कर पी गये, मिली ना जब ख़ुशियाँ तो ग़म मिलाकर पी गये, ज़िन्दगी जीने के क़ाबिल तो न थी मेरे दोस्…
Read more »ज़िन्दगी के दो ही 'पहलू' हुआ करते हैं मेरे दोस्त.., एक में बेहिसाब ख़्वाहिशें, तो दुसरे में हालातों के साथ समझौता…
Read more »जी तो रहा हूँ मैं ज़िन्दगी, पर जीने का कोई मौल नहीं, मेरे घर में मेरे यार, "घर" जैसा कोई माहौल नहीं..!! Jee to…
Read more »जिसके 'नाम' हमने अपनी ज़िन्दगानी कर दी, अफ़सोस... उसी ने अधूरी मेरी कहानी कर दी। Jiske 'naam' humne apni …
Read more »चार दिन की ज़िन्दगी में महज़ पल दो पल की हँसी थी, बाकी कभी दर्द कभी आँसू तो कभी बेकसी बेबसी थी। Char din ki zindagi mein …
Read more »कुछ इस तरहा से तबाह हमने अपनी ही ज़िन्दगी कर ली, इक बेवफ़ा हरजाई संग दिल से उसकी 'बन्दगी' कर ली । Kuchh is taraha…
Read more »मत पूछ मेरे यार "तन्हा" ज़िन्दगी हम कैसे गुज़ारे हैं, दिल के जज़्बातों को रो-रो कर काग़ज़ पर उतारे हैं। Mat poochh…
Read more »"ऐ ज़िन्दगी"..., कुछ ले देकर समझौता कर ले, ना तू जीने के क़ाबिल है, ना हम तुझें जीने के शौक़ीन। "Aye zindag…
Read more »ले चल "ज़िन्दगी" दुनियाँ से कहीं दूर, सहा नहीं जाता लोगों का अब फ़ितूर। Le chal "zindagi" duniyan se …
Read more »लगता था..., तुझसे जुदा होकर तो हम मर ही जायेंगें, पर कमबख़्त मौत भी उन्हीं को आती है, जिन्हें ज़िन्दगी से प्यार होता है। …
Read more »"ज़िन्दगी" तुझसे इतनी शिकायत तो रहेगी मुझें, तेरी तलब भी न थी और तू नखरे दिखाती रही मुझें। "Zindagi"…
Read more »ज़िन्दगी अगर ऐसे ही चलती रही.., तो बहुत जल्द हाथ धो बैठेगी मुझसे। Zindagi agar aise hi chalti rahi.., Toh bahut jald haa…
Read more »क़ाफ़िला-ए-ज़िन्दगी उस मुक़ाम पे आ ठहरा है, जहाँ हसरत जीने की और हालात मरने जैसे हैं..! Qaafila-e-zindagi us muqaam pe aa t…
Read more »कभी उम्मीदों का "दामन" मत छोड़ना..., अक्सर ज़िन्दगी वहीं से U Turn लेती है, जहाँ सारे रास्ते बंद हो जाते हें । …
Read more »यूँ ही बैठे-बैठे हमकों साहिल पे सुबहा से शाम हो गई, ज़िन्दगी जीने की हसरत में ज़िन्दगी ही तमाम हो गई। Yoon hi baithe-bait…
Read more »"ऐ ख़ुदा" मुझकों मेरे दर्द की दवाई देदे, इस ग़म भरी ज़िन्दगी से अब रिहाई देदे। "Aye khuda" mujhkon mer…
Read more »ख़्वाबों और ख़यालों से बहुत परे है ज़िन्दगी, जीने की आरज़ू में हर-रोज़ मरे है ज़िन्दगी..! Khwabon aur khayalon se bahut pare …
Read more »काश... कि 'वक़्त' का ये कारवा यहीं ठहर जाये, और तमाम ज़िन्दगी तेरी बाहों में यूँही गुज़र जाये। Kaash... ki 'wa…
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