तुझको पाकर खोने की शिक़ायत, हम तो अपनी ही तक़दीर से करते हैं, और जो करनी थी बातें तुझसे बेवफ़ा, वो अब हम तेरी तस्वीर से कर…
Read more »तक़दीर का लिखा यहाँ किसने देखा है, होगा वही जो हाथों में तेरे खिंची रेखा है, तू धर्म की राह पर बस कर्म करता जा.., उसके द…
Read more »तक़दीर को वही 'दोष' देते हैं, जो संघर्ष करना नहीं जानते। Taqdeer ko wahi 'dosh' dete hain, Jo sanghrsh k…
Read more »मिलकर बिछड़ना तो फिर यार, हमारी ही तक़दीर थी, ना तेरे ना मेरे हाथ में, वस्ल की हमारे कोई लकीर थी। Milkar bichhadna toh fi…
Read more »हर इंसान अपनी अच्छी-बुरी 'तकदीर', ख़ुद अपनी ही मुठ्ठी में बंद करके लाता है । Har insan apni achchhi-buri 'ta…
Read more »बड़ा बेरहम और बेदर्द ही होगा वो, जिसने मेरी ऐसी तक़दीर लिखी है, हर ख़ुशी के बदले, फ़क़त "ग़मों" की मुक़म्मल जागीर लि…
Read more »हर रात की क़िस्मत में चमकता महताब नहीं हुआ करता, हर कली की तक़दीर में खिलता गुलाब नहीं हुआ करता, कुछ बद-नसीब अभागे ऐसे भी…
Read more »ऐ "तक़दीर" लिखने वाले, तू फ़क़त मुझ पे इतना अहसान कर दे, जिसको मुक़द्दर में ना लिखा मेरे, दिल से ख़ाली उसका मका…
Read more »दिल के आईने में मेरे, फ़क़त इक तेरी ही तस्वीर थी, तुम्हें दिखाई न दी, ये मेरी 'बद-किस्मत' तक़दीर थी। Dil ke aaine …
Read more »हर राँझे की किस्मत में हीर नहीं होती, मेहरबां हर किसी पर तक़दीर नहीं होती, कमबख़्त ये दिल भी उसी की ज़िद करता है, जिस नाम…
Read more »मैं हर जन्म माँगूँगा तुझें अपने ख़ुदा से.., तुम टकराना मुझसे मेरी तकदीर बनकर। Main har janm mangunga tujhen apne khuda s…
Read more »ये किस कलम से लिख दी ख़ुदा तूने मेरी तकदीर, हर ख़ुशी दरवाज़े से ही मुँह मोड़कर चली जाती है। Yeh kis kalam se likh di khuda …
Read more »ख़ुदा किसी को ऐसी "तक़दीर" ना दे.., ज़िन्दगी से लम्बी दुखों की ज़ंजीर ना दे । Khuda kisi ko aisi "taqdeer&qu…
Read more »वादे वफ़ा के तोड़कर न जा, रोता हमें यूँ छोड़कर न जा, एक ही तक़दीर है पास मेरे , ज़ालिम उसे फोड़कर न जा। Waade wafa ke todkar…
Read more »कमाल का लेख लिखा है विधाता तुने मेरी तक़दीर में, मिलाया भी तो उससे जो न था मेरे हाथों की लकीर में। Kamaal kaa lekh l…
Read more »सब-कुछ बदल गया वक़्त के साथ.., कमबख़्त बस इक 'तक़दीर' को छोड़कर। Sab-kuchh badal gaya waqt ke saath.., Kambakht bas…
Read more »हसरतों की महफ़िल तो यहाँ हर कोई सजाता है, मुक्कमल उसी की होती है जो तक़दीर लेकर आता है । Hasraton ki mahfil toh yah…
Read more »रुख़सत हो जाऊँ उसकी यादों से, ऐसी कोई तदबीर नहीं, वो मिले मुझकों ज़माने को छोड़कर, ऐसी मेरी तक़दीर नहीं। Rukhsat ho jaaun u…
Read more »बड़ी अनमोल थी ज़िन्दगी मेरी भी यारा, जो तेरे तसव्वुर में ही गुज़र गयी, तू मेरा होकर भी मेरा न हो सका, तक़दीर ही साथ देने स…
Read more »ये कैसा तक़दीर का तमाशा और क़िस्मत का क़हर है, जिसको मांगा था दुआओं में उसी की जुबां पे ज़हर है । Yeh kaisa taqdeer…
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