कुछ ज़ख़्मों का 'मरहम'..., वक़्त के पास भी नहीं हुआ करता। Kuchh zakhmon kaa 'marhum'..., Waqt ke paas bhi …
Read more »"वक़्त" बदलने का.., कोई वक़्त नहीं होता। "Waqt" badalne kaa.., Koi waqt nahin hota। Read more... Arti…
Read more »कौन अपना है कौन पराया है, ये हमकों वक़्त ने बतलाया है, ख़ुशियों में मुक़म्मल जहाँ.., दर्द में ख़ुद को "तन्हा" पाय…
Read more »कितना अच्छा होता है ना ये बुरा वक़्त, हर चेहरे से नक़ाब हटा दिया करता है। Kitna achchha hota hai naa yeh bura waqt, Har c…
Read more »गुज़रता वक़्त पल-पल मेरी और इशारा कर रहा है, कौन है तेरा यहाँ हर कोई तुझसे किनारा कर रहा है। Guzarta waqt pal-pal meri au…
Read more »देर कहाँ लगती है 'साहिब', ख़ास से आम होने में, वक़्त ही कितना लगता है, सुबहा से शाम होने में। Der kahan lagti hai…
Read more »किसी की मंज़िल, तो फिर किसी की राह बदल जाती है, इक "वक़्त" के बाद, हर किसी की चाह बदल जाती है..! Kisi ki manzil…
Read more »फ़क़त चंद तस्वीरों में सिमट कर रह गई 'मुस्कान' मेरे इस चेहरे की, वक़्त और हालात ने तो मुझसे मेरा मुस्कुराने का हुन…
Read more »जब वक़्त और हालात दोनों विपरीत हो, तो बेहतर होगा कि आप ख़ामोश ही रहें। Jab waqt aur haalat donon vipreet ho, Toh behatar …
Read more »वक़्त तो "वक़्त" आने पर ही बदलेगा, इन्सान थोड़े ही है जो बे-वक़्त बदलेगा। Waqt toh "waqt" aane par hi b…
Read more »तमाम उम्र गुज़र गई इसी ग़लत-फ़हमी में, कि शायद कभी तो वक़्त बे-वक़्त बदलेगा। Tamam umr guzar gai isi galat-fahmi mein, Ki sh…
Read more »सब-कुछ बदल गया वक़्त के साथ.., कमबख़्त बस इक 'तक़दीर' को छोड़कर। Sab-kuchh badal gaya waqt ke saath.., Kambakht bas…
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