गुरु बिना ज्ञान नहीं, धन बिना सम्मान नहीं, जिसमें इंसानियत नहीं, वो इन्सान नहीं..!! Guru bina gyaan nahin, dhan bina sa…
Read more »मेरे दोस्त सब जीते जी के मेले हैं, बाद मरने के तो सभी अकेले हें..! Mere dost sab jeete jee ke mele hain, Baad marne ke …
Read more »मतलब के इन रिश्तों को, ग़लत-फ़हमियों में ही रहने दो, ग़र परखने लग जाओगे, तो टूटकर ख़ुद बिखर जाओगे। Matlab ke in rishton ko,…
Read more »देह में तुम्हारी कोई दुःख नहीं, तो इससे बड़ा कोई सुख नहीं। Deh mein tumari koi dukh nahin, Toh isase bada koi sukh nahin…
Read more »जिस रोज़ ख़ुदा की रहमत होगी, साकार तुम्हारी हर मेहनत होगी। Jis roz khuda ki rahmat hogi, Saakar tumhari har mehnat hogi। …
Read more »ज़्यादा फ़र्क नहीं है मेरे दोस्त, भाई और कसाई में, कसाई गर्दन पर वार करता है, और भाई दिल पर। zyada fark nahin hai mere do…
Read more »मुझें किसी ऐसे सहारे की सख्त ज़रुरत है मेरे 'दोस्त'.., जो दुनियां की भीड़ में अपनेपन का अहसास करा सके। Mujhen kis…
Read more »झूठी हम-दर्दी और झूठे हर दिलासे हो गये, खून के रिश्ते ही खून के अब प्यासे हो गये। Jhoothi hum-dardi aur jhoothe har dil…
Read more »ये तो देने वालों की हैसियत हुआ करती है साहिब, कि कोई ख़ुशी के बदले ख़ुशी देता है तो कोई ग़म। Yeh toh dene walon ki haisiya…
Read more »अपनों में "अपनापन" ढूंढ़ रहे हो साहिब.., दिन के उजालों में जुगनू ढूंढ़ रहे हो साहिब। Apnon mein "apnapan&q…
Read more »क़दम-क़दम पर हम-सफ़र बनने को बेरहम मौत खड़ी है, फिर भी इन्सान का गुरूर तो देखो उसकी "मैं" बड़ी है। Qadam-qadam par…
Read more »ज़ाहिर ना होने देना तुम कभी, अपने दिल के ज़ख्मों को, वरना लोग गले भी मिलेंगें, तो हाथों पर नमक लगाकर। Zaahir naa hone den…
Read more »मैंने लोगों को फ़क़त इतना ही समझा, जो जैसा था उसने मुझें वैसा ही समझा। Maine logon ko faqat itna hi samjha, Jo jaisa tha …
Read more »रिश्तों में रिश्ता इक वही सही है, जिसमें तुम ग़लत मैं सही नहीं है। Rishton mein rishta ik wahi sahi hai, Jismen tum gala…
Read more »बा-ख़ूबी देखा है हमने लोगों का "भला" करके.., शुक्रियादा कम करते हैं, बेवकूफ़ ज़्यादा समझते हैं। Ba-khoobi dekha …
Read more »अपनों की ज़रुरतें पूरी करते-करते, अपनी ही "हसरतें" अधूरी रह गई..! Apnon ki zaruraten poori karte-karte, Apni h…
Read more »कौन रोयेगा लाश पे मेरी 'मुर्शद', मुझें आदत है सच बोलने की..!! Kaun royega laash pe meri 'murshad', Mujh…
Read more »इतने बुरे तो नहीं थे हम, जितने लोगों ने हम पर इल्ज़ाम लगाये हैं, और इल्ज़ाम भी उन्हीं ने लगाया, जिनके हम कभी "काम&qu…
Read more »"इज़्ज़त" वही दिया करते हैं मेरे दोस्त.., जिन्होंने इज़्ज़त कमा रखी है, वो क्या ख़ाक किसी को इज़्ज़त देंगें, जिन्हों…
Read more »वादे उन्हीं के अनेक हुआ करते हैं, इरादे ना जिनके नेक हुआ करते हैं। Waade unhin ke anek hua karte hain, Iraade naa jinke…
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