"ऐ ज़िन्दगी", तेरे सारे सितम माफ़ कर दूँ मैं.., बशर्ते, दम जब निकले तो यार की बाहों में निकले। "Aye zindag…
Read more »मत पूछ मेरे यार "तन्हा" ज़िन्दगी हम कैसे गुज़ारे हैं, दिल के जज़्बातों को रो-रो कर काग़ज़ पर उतारे हैं। Mat poochh…
Read more »जिसके पास, कहने और सुनने वाला कोई नहीं होता है, वो वीराने में "तन्हा" बैठकर, ख़ुद से बातें करके रोता है। Jiske…
Read more »दौलत की चकाचौंध में वो कुछ इस क़दर खो गये, हमें भी तन्हा कर दिया और ख़ुद भी तन्हा हो गये। Daulat ki chakachaundh mein woh…
Read more »बदलती दुनियाँ का बदलता पल-पल रंग देखकर, ख़ुश हूँ मैं आज बहुत तन्हाईयाँ अपने संग देखकर। Badalti duniyan kaa badalt…
Read more »तुझसे अच्छी तो तेरी "यादें" है यारा.., जो पल-भर भी मुझें तन्हा नहीं छोड़ती। Tujhse achchhi toh teri "yaad…
Read more »कहाँ से लाऊं ऐसा नसीब मेरे यार, चाहत को मेरी तुम भी रहो बेक़रार। Kahan se laaun a isa naseeb mere yaar, Chahat ko mer…
Read more »घड़ियाँ इंतज़ार की अब काटे से नहीं कटती है, तेरे आने की आस में राह से नज़र नहीं हटती है, कहाँ मसरूफ़ हो गये हो तुम हमको तन्…
Read more »पीता नहीं था मैं फिर भी पीना सिखा दिया, हिज़्र-ए-यार ने मुझें तन्हा जीना सिखा दिया, मैंने माँगी दुआ ख़ुदा से जिनकी खुशियो…
Read more »क्या कमी रह गई थी बेवफ़ा मेरे प्यार में, छोड़कर चली गई 'तन्हा' मुझें मझधार में। Kya kami rah gai thi bewafa m…
Read more »काश... कि हम तुझसे 'दिल्लगी' ही ना करते, तो यूँ तन्हाइयों में तन्हा बैठ कर आह ना भरते। Kaash... ki hum tujhse &…
Read more »हमने तो यार वो वक़्त भी 'तन्हा' ही गुज़ारा है, जो बिना हम-सफ़र किसी को ना सफ़र गवारा है। Humne toh yaar woh waqt bh…
Read more »पहले आती थी हिचकियाँ, अब सिसकियाँ आती है, लगता है कोई अन्दर ही अन्दर, 'मर' रहा है मुझमें..! Pahle aati thi hich…
Read more »यूँ तो कोई ख़ास वज़ह न थी जुदा हमारे होने की, वो नज़र-अंदाज़ करते गये और फ़ासले बढ़ते गये। Yun toh koi khaas wazah na thi jud…
Read more »लौट आये हैं हम फ़िर से अपनी तन्हाईयों और वीरानियों में, कमबख्त ये तमाशा-ए-मोहब्बत हमकों "रास" न आया...!! Laut …
Read more »जिस रोज़ तुम्हें मेरी मोहब्बत का अहसास होगा, आँखों में अश्क़ ही नहीं 'दिल' भी उदास होगा..! Jis roz tumhein meri m…
Read more »बिछड़ कर तुझसे हमने है यह जाना, कि ये रातें सिर्फ़.., चैन से सोने को ही नहीं, जी भर के रोने को भी हुआ करती है। Bichhad ka…
Read more »हयात हमारी भी फिर चैन से बसर हो जाती, मुक़म्मल जो हम-सफ़र की कसर हो जाती। Hayat humari bhi fir chain se basar ho jaati, M…
Read more »कमबख्त उसकी यादों का महज़ इक झोंका, तिनकों में बिखेर कर चला जाता है हमको..! Kambakht uski yaadon kaa mahaz ik jhonka, Ti…
Read more »तन्हाई की रातें अक्सर लम्बी ही नहीं, क़यामत से भी गुज़रा करती है, साथ में जज़्बातों संग ज़िन्दगी , बिना सुर-ताल रातभर …
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