Humsafar_shayari


हयात हमारी भी फिर चैन से बसर हो जाती,
मुक़म्मल जो हम-सफ़र की कसर हो जाती।

Hayat humari bhi fir chain se basar ho jaati,
Mukammal jo hum-safar ki kasar ho jaati



  • हयात - ज़िन्दगी, जीवन, जीवन-काल, रूह, आत्मा, जान
  • बसर - जीवन निर्वाह, गुज़ारा, जीवन-यापन, निबाहना, व्यतीत करना
  • मुक़म्मल - पूर्ण, संपूर्ण, समाप्त, पूरा किया हुआ
  • हमसफ़र - एक साथ जीवन गुज़ारने वाला, एक साथ यात्रा करने वाला
  • कसर - कमी, न्यूनता, कोताही, अभाव

  • Article By. Dharm_Singh