तक़दीर का लिखा यहाँ किसने देखा है, होगा वही जो हाथों में तेरे खिंची रेखा है, तू धर्म की राह पर बस कर्म करता जा.., उसके द…
Read more »'इनायत' जब हुई ख़ुदा की, तो मुक़म्मल मेरा हर ख़्वाब हो गया, लोग झूठी तारीफें करते रहे मेरी, और मैं सच में कामयाब ह…
Read more »जिस रोज़ ख़ुदा की रहमत होगी, साकार तुम्हारी हर मेहनत होगी। Jis roz khuda ki rahmat hogi, Saakar tumhari har mehnat hogi। …
Read more »"या अल्लाह" बन्दों पे अपने रहमत तू करना.., मुक़म्मल हर दिल की हसरत और आरज़ू करना। "Yaa allah" bandon …
Read more »जब क़िस्मत और खुदा दोनों हमसे रूठ जाते है, फिर कितने ही बांधो "सब्र" के बाँध टूट जाते हैं। Jab kismat aur khud…
Read more »तेरी 'रहमत' के बग़ैर, मेरी इबादत अधूरी है। Teri 'rahmat' ke bagair, Meri ibadat adhoori hai । Read more.…
Read more »"ऐ ख़ुदा" मुझकों मेरे दर्द की दवाई देदे, इस ग़म भरी ज़िन्दगी से अब रिहाई देदे। "Aye khuda" mujhkon mer…
Read more »'ऐ ख़ुदा' उसको हर ख़ुशी देना, जो ग़म मुझें बे-हिसाब दे गया। 'Aye khuda' usko har khushi dena, Jo gum mujhe…
Read more »बख़्श दे मुझकों जान मेरी मेरे खुदा, मैं तेरे ही तो हाथों का "खिलौना" हूं। bakhsh de mujhkon jaan meri mere khu…
Read more »इश्क़ इबादत है और इबादत है ग़र ख़ुदा.., तो फिर मेरे इश्क़ से जुदा क्यूँ है मेरा ख़ुदा। Ishq ibadat hai aur ibadat hai gar kh…
Read more »मालूम नहीं क़िस्मत और ख़ुदा को क्या मंज़ूर है, जो मेरी हर कोशिश कामयाबी से 'कोसों' दूर है। Maaloom nahin kismat au…
Read more »मैं वो ना-मुराद बद-नसीब अभागा "भिखारी" हूँ.., जो हर-रोज़ ख़ुदा से तुझें झोली फ़ैलाकर माँगता हूँ । Main woh…
Read more »तू तोहमत ना लगा मेरी मोहब्बत पे बे-मुरव्वत, मैंने चाहा है तुझें ख़ुदा की 'इबादत' समझ कर। Too tohmat naa laga …
Read more »राह-ए-ज़िन्दगी कुछ तो "गुनाह" हुआ है हमसे.., वरना यूँ ही किस्मत और ख़ुदा ख़फ़ा नहीं हुआ करते। Raah-e-zindagi kuch…
Read more »मैं चाहूँगा तुझकों क़यामत तक, तू मयस्सर हो या ना हो, ये रज़ा ख़ुदा की। Main chaahunga tujhkon qayamat tak, Too mayassar ho…
Read more »कश्ती को मेरी किनारा दे दे, जीने का कोई सहारा दे दे, तू सुन रहा है फ़रियाद मेरी, ऐसा कोई मुझें इशारा दे दे ! Kashti …
Read more »दिल जलता रहा सुलगता रहा किसी की याद में, ना धुँआ ना राख हुआ, हमने माँगी थी ख़ुदा से मौत अपनी, अफ़सोस... वो ना इत्तफाक हुआ…
Read more »ऐ मेरे मालिक तू फ़क़त मुझ पे इतनी इनायत कर दे, ज़्यादा नहीं मेरी मेहनत का फल मेरी झोली में भर दे। Aye mere maalik too faqa…
Read more »"ख़ुदा करे" कभी ना वो मंज़र आये, मेरी तरहा तेरी आँखों में समंदर आये। "Khuda kare" kabhi naa woh manza…
Read more »ख़ुदा करे किसी पर ना ऐसी शामत और क़यामत आये, दिन जवानी के हो और 'उल्फ़त' में ग़म-ए-फ़ुर्क़त आये। Khuda kare kisi par …
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