'इनायत' जब हुई ख़ुदा की, तो मुक़म्मल मेरा हर ख़्वाब हो गया,
लोग झूठी तारीफें करते रहे मेरी, और मैं सच में कामयाब हो गया।
'Inayat' jab hui khuda ki, toh mukammal mera har khwab ho gaya,
Log jhoothi taareefen karte rahe meri, aur main sach mein kamyab ho gaya।
- इनायत - कृपा, दया, मेहरबानी, अनुग्रह
- मुक़म्मल - पूरा, पूर्ण, संपूर्ण, तमाम, समस्त
- Article By. Dharm_Singh

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