जनाज़े के भी कुछ उसूल होते हैं साहिब.., ज़िन्दगी जिनकी काँटों में गुज़री, कफ़न पर उनके भी फूल होते हैं साहिब। Janaze ke bhi…
Read more »यक़ीनन आएगी वो इक रोज़, ज़माने के सारे बंधन तोड़कर, देर फ़क़त इतनी है मेरे यार, सो जाऊँ बस मैं कफ़न ओढ़कर। Yaqeenan aayegi woh …
Read more »तुम आना लेकर दो आँसू मेरी लाश पे, सफ़र मेरा आख़िरी ग़मगीन होकर हसीन हो जायेगा, और मेरे जनाज़े पर ज़्यादा मातम ना करना बेवफ़ा,…
Read more »उल्फ़त में रस्म-ए-वस्ल आख़िरी, तुम अपनी अदा कर जाओ, दो आँसू दे के मेरी लाश को, मेरे जनाज़े को ग़मज़दा कर जाओ। Ulfat mein ras…
Read more »क़ाफ़िला लगा था उस शख़्स के जनाज़े में "मुर्शद", जो तन्हाईयों के खौफ़ से मर गया...!! Qaafila laga tha us shakhs ke…
Read more »याद भी करोगे फ़रियाद भी करोगे, वक़्त अपना तुम बर्बाद भी करोगे, जनाज़ा उठ जाने दो मेरा इक बार, दिल अपना ना-शाद भी करोगे..! …
Read more »ग़र निकला है "चाँद" तो यक़ीनन तारे भी निकलेंगें, मेरे जनाज़े पर बेवफ़ा आँसू तो तुम्हारे भी निकलेंगें। Gar nikla h…
Read more »रहने दे इक मुलाक़ात आख़िरी अधूरी अपनी, आख़िर मेरे 'जनाज़े' पर भी तो आना है तुम्हें । Rahne de ik mulaqat aakhiri ad…
Read more »आँसुओं से सींचेंगे तेरे हर दर्द-ओ-ग़म को हम, कि मरने तक ताज़ा निकले, है तमन्ना आख़िरी इस दिल की बेवफ़ा, तेरी गली से मेरा जन…
Read more »वक़्त की दुहाई देने वाले, वक़्त के तक़ाज़े पर तो आओगे ना, मेरा दीदार आख़िरी करने को, मेरे जनाज़े पर तो आओगे ना। Waqt ki duhaa…
Read more »वो आयेंगें जनाज़े पे मेरे, मेरा दीदार आख़िरी करने को, कमबख़्त दिल कहीं बग़ावत ना कर बैठे, ऐतबार आख़िरी करने को। Woh aayen…
Read more »मेरे अरमानों का 'जनाज़ा' कुछ इस क़दर निकला, जिसको हम-दर्द समझा वही दर्द-ए-जिगर निकला। Mere armanon kaa 'janaz…
Read more »सजा दो मेरे आख़िरी मुक़ाम को, महशर की रात आने वाली है, मेरे जनाज़े संग, मुझकों दफ़नाने वालों की बारात आने वाली है। Saja…
Read more »वो हाल-ए-दिल ना जान सके कभी, मेरे इस दिल-ए-नाशाद का, हमने ख़ुद जनाज़ा उठाकर मातम किया है, अपने दिल-ए-बर्बाद का।…
Read more »