सजा दो मेरे आख़िरी मुक़ाम को, महशर की रात आने वाली है,
मेरे जनाज़े संग, मुझकों दफ़नाने वालों की बारात आने वाली है।
Saja do mere aakhiri muqam ko, mahshar ki raat aane wali hai,
Mere janaze sang, mujhkon dafnane walon ki barat aane wali hai।
- मुक़ाम - पड़ाव, स्थान, जगह, वास, घर, ठिकाना, ठहराव
- महशर - क़यामत, प्रलय, महाप्रलय
- जनाज़ा - शव, लाश, अरथी, ताबूत, मुर्दा, शवयात्रा
- Article By. Dharm_Singh

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