आज भी "सुना" पड़ा है दिल का मेरा वो हर इक कोना.., जहाँ बरसों पहले किसी की चाहत के गुल खिला करते थे। Aaj bhi &q…
Read more »फ़क़त इतना ही फ़र्क था, हम दोनों की चाहत और मोहब्बत में, वो वक़्त मिलने पर बात करते थे, और हम वक़्त निकाल कर..! faqat itna h…
Read more »तुझसे मोहब्बत करने की नीयत हमारी नेक थी, हम रोये तेरे लिए " चाहत" जो हमारी तू एक थी । Tujhse mohabbat karne k…
Read more »कहाँ से लाऊं ऐसा नसीब मेरे यार, चाहत को मेरी तुम भी रहो बेक़रार। Kahan se laaun a isa naseeb mere yaar, Chahat ko mer…
Read more »सजाकर दिल में हसरतों की महफ़िलें बेहिसाब, ख़ुद को ही आहत करते हो, जो क़िस्मत में ही नहीं है यार तुम्हारे, तुम फ़क़त उसी की च…
Read more »सोचा था अपनी चाहत के दम पे, इक रोज़ तेरे दिल में घर कर जायेंगें, अब लगता है तुम्हारी बेरुख़ी देखकर, ये 'अरमान' ले…
Read more »कभी तड़प कर देख तू भी किसी की चाहत में, तो पता चले हम रोज़ कितनी मौतें मरा करते हैं। Kabhi tadap kar dekh too bhi kisi ki…
Read more »चाहत की सारी रस्में कसमें तोड़कर, मैंने चाहा है तुझें ज़माने को छोड़कर, बा-ख़ुदा हम तो जीते जी मर जायेंगे., जाओ ना तुम हमसे…
Read more »लबों का मेरे तुम गीत बन जाओ, मन का मेरे तुम मीत बन जाओ, भुला दूँ सारी दुनियाँ जिसकी चाहत में, ऐसी हमारी तुम प्रीत बन जा…
Read more »किसी की मंज़िल, तो फिर किसी की राह बदल जाती है, इक "वक़्त" के बाद, हर किसी की चाह बदल जाती है..! Kisi ki manzil…
Read more »मेरी चाहत के तक़ाज़े पर थोड़ा गौर तो कर, मैं "ख़ुद" को खो चुका हूँ तुझें चाहते-चाहते। Meri chahat ke taqaze par t…
Read more »चाहत-ए-दिल है कि तेरे हर ग़म को चुराकर, तमाम रोशनी तेरे नाम कर दूँ, और जिसे तू लफ्ज़ों में बयाँ ना कर पाये, ऐसी तेरी हर स…
Read more »ना हीर हुई ना लैला, ना ही वो मुमताज़ निकली, मेरी चाहत 'चाहत' नहीं, सिर्फ़ धोकेबाज़ निकली। Naa heer hui naa laila, …
Read more »कहां से लाऊं यार ऐसा कोई तिलिस्मी दिल, जो चाहत में तेरी धड़के तो तुझें 'अहसास' हो। Kahan se laaun yaar aisa koi …
Read more »इक बेवफ़ा बे-मुरव्वत हरजाई की चाहत में यार, दिल खोया ही नहीं सिसक-सिसक कर रोया है। Ik bewafa be-muravvat harjai ki chaha…
Read more »दो दिलों में यूँ ही बे-वज़ह तकरार नहीं होती, हर इक ख़ूबसूरत लड़की वफ़ादार नहीं होती, और जो करे तुम्हारे जज़्बातों संग खिलवाड़…
Read more »चाहत का सिला कोई इस क़दर दे गया, झूठे ख़्वाब दिखाकर दर्द असली दे गया। Chahat kaa sila koi is qadar de gaya, Jhoothe khwab…
Read more »पूछकर वो मेरे घर का पता मेरे दरवाजे पर भी नहीं आया, वक़्त बे-वक़्त आने वाला वक़्त के तक़ाज़े पर भी नहीं आया, दम निकला मेरा ज…
Read more »चाहत ही ना रही बेवफ़ा मुझें अब कोई नूरे-सहर की, ये रूह तलबगार भी है तो फ़क़त दो क़तरे ज़हर की..! Chahat hi naa rahi bewafa m…
Read more »यूँ वक़्त बे-वक़्त मेरी आँखों का भरना.., गवाही है मेरी चाहत से तेरे दिल के भर जाने की। Yoon waqt be-waqt meri aankhon kaa…
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