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15+ Janaza Shayari in Hindi [2026] - Marudhar Rahi | MyAlfaaz

कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो आखिरी वक्त पर भी साथ नहीं देते, और वही दर्द सबसे गहरा होता है। जनाजे की शायरी उसी बेवफाई और तन्हाई के दर्द को बयां करती है। नमस्कार दोस्तों, My Alfaaz पर मैं Marudhar Rahi आपके लिए लाया हूँ दिल को चीर देने वाली Janaza Shayari in Hindi का कलेक्शन।

यहाँ आपको Janaza Sad Shayari, Bewafa Janaza Shayari, और Dard Bhari Janaza Shayari मिलेगी। अगर आप उस दर्द को लफ़्ज़ देना चाहते हैं जो जनाजे तक भी साथ न निभाने पर होता है, तो ये शायरियाँ उसी एहसास के लिए हैं।

Janaza Shayari in Hindi by Marudhar Rahi - Janaza Sad Shayari

Puchhkar Wo Mere Ghar Ka Pata Janaza Shayari - Marudhar Rahi - MyAlfaaz
पूछकर वो मेरे घर का पता मेरे दरवाजे पर भी नहीं आया,
वक़्त बे-वक़्त आने वाला वक़्त के तक़ाज़े पर भी नहीं आया,
दम निकला मेरा जिस हरजाई की चाहत और हसरत में,
वो मेरे आख़री 'दीदार' को मेरे जनाज़े पर भी नहीं आया।
वो हाल-ए-दिल ना जान सके कभी, मेरे इस दिल-ए-नाशाद का,
हमने ख़ुद जनाज़ा उठाकर मातम किया है, अपने दिल-ए-बर्बाद का।
आँसुओं से सींचेंगे तेरे हर दर्द-ओ-ग़म को हम, कि मरने तक ताज़ा निकले,
है तमन्ना आख़िरी इस दिल की 'बेवफ़ा', तेरी गली से मेरा जनाज़ा निकले..!
Janaze Ke Bhi Kuch Usool Hote Hain Janaza Shayari - Marudhar Rahi - MyAlfaaz
जनाज़े के भी कुछ उसूल होते हैं 'साहिब',
ज़िन्दगी जिनकी काँटों में गुज़री, कफ़न पर उनके भी फूल होते हैं साहिब।
वक़्त की दुहाई देने वाले, वक़्त के तक़ाज़े पर तो आओगे ना,
मेरा दीदार आख़िरी करने को, मेरे जनाज़े पर तो आओगे ना।
सजा दो मेरे आख़िरी मुक़ाम को, महशर की रात आने वाली है,
मेरे जनाज़े संग, मुझको दफ़नाने वालों की बारात आने वाली है।

Bewafa Janaza Shayari - Janaza Shayari 2 Line

Ulfat Mein Rasm-E-Wasl Aakhiri Janaza Shayari - Marudhar Rahi - MyAlfaaz
उल्फ़त में रस्म-ए-वस्ल आख़िरी, तुम अपनी अदा कर जाओ,
दो आँसू दे के मेरी लाश को, मेरे जनाज़े को ग़मज़दा कर जाओ।
मेरे अरमानो का 'जनाज़ा' कुछ इस कदर निकला,
जिसको हम-दर्द समझा वही दर्द-ए-जिगर निकला।
ग़र निकला है 'चाँद' तो यक़ीनन तारे भी निकलेंगे,
मेरे जनाज़े पर बेवफ़ा आँसू तो तुम्हारे भी निकलेंगे।

Dard Bhari Janaza Shayari - Broken Heart Janaza Status

Rehne De Ik Mulaqat Aakhiri Adhuri Janaza Shayari - Marudhar Rahi - MyAlfaaz
रहने दे इक मुलाक़ात आख़िरी अधूरी अपनी,
आख़िर मेरे 'जनाज़े' पर भी तो आना है तुम्हें।
याद भी करोगे फ़रियाद भी करोगे,
वक़्त अपना तुम बर्बाद भी करोगे,
जनाज़ा उठ जाने दो मेरा इक बार,
दिल अपना ना-शाद भी करोगे..!!
यक़ीनन आएगी वो इक रोज़, ज़माने के सारे बंधन तोड़कर,
देर फ़क़त इतनी है मेरे यार, सो जाऊँ बस मैं कफ़न ओढ़कर।
Qafila Laga Tha Us Shakhs Ke Janaze Mein Janaza Shayari - Marudhar Rahi - MyAlfaaz
क़ाफ़िला लगा था उस शख़्स के जनाज़े में 'मुर्शद',
जो तन्हाइयों के खौफ़ से मर गया...!!
- मरुधर राही ✍️

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