मुक़म्मल मंज़िल तो सभी की यहीं है, बस 'राह' सभी की एक जैसी नहीं है। Mukammal manzil toh sabhi ki yahin hai, Bas &…
Read more »बड़ा लम्बा सफ़र तय करने पर बतलाया उसने हमें, कि वो किसी और मंज़िल के "मुसाफ़िर" हैं...!! Bada lamba safar tay kar…
Read more »किसी की मंज़िल, तो फिर किसी की राह बदल जाती है, इक "वक़्त" के बाद, हर किसी की चाह बदल जाती है..! Kisi ki manzil…
Read more »यूँ ही मिलकर मुसाफ़िर मंज़िल से दूर नहीं हुआ करते, कुछ फ़ैसले मेरे यार किस्मत को मंज़ूर नहीं हुआ करते। Yoon hi mil kar …
Read more »मंज़िल कहीं और है सफ़र कहीं और कर रहा हूँ, ज़िन्दगी कहीं और है बसर कहीं और कर रहा हूँ। Manzil kahin aur hai safar kahin au…
Read more »ज़ुबां ख़ामोश थी पर निग़ाहें कुछ और कह रही थी, सीने से जब लगाया तो बाहें कुछ और कह रही थी, हमकों अपनी मुक़म्मल मंज़िल क़रार द…
Read more »दास्ताँ-ए-दिल मेरी, जाने क्यूँ अधूरी रह गई, ज़िन्दगी से लम्बी, मंज़िल से महज़ दो क़दम की दूरी रह गई। Daastan-e-dil meri, ja…
Read more »यूँ तो 'मंज़िल' बहुत क़रीब थी मेरे यार, कमबख़्त सफ़र ही कुछ लम्बा निकला। Yun toh 'manzil' bahut qareeb thi …
Read more »ऐ मेरे दिल-ए-नादाँ, ना यूँ आह भर ना राह तक, उसने फ़क़त राह ही नहीं, मंज़िल भी बदल ली है । Aye mere dil-e-nadan, naa yun aa…
Read more »जिनको बीच राह बिछड़ना होता है, वो मंज़िल का पता नहीं पूछा करते। Jinko beech raah bichhdna hota hai, Woh manzil kaa pata n…
Read more »मंज़िल तो "तू" ही थी मेरी.., बस तुम्हें मेरी मुफ़लिसी रास न आई। Manzil toh "too" hi thi meri.., Bas t…
Read more »मोहब्बत में मंज़िल उन्हीं को मिली, जिन्होंने कभी सीधी 'राह' ना चली। Mohabbat mein manzil unhin ko mili, Jinhone …
Read more »ना मंज़िल है ना मुक़ाम है, फ़िर भी मैं चलता ही जा रहा, ये जीवन महज़ बर्फ़ के समान, जो पिघलता ही जा रहा। Naa manzil hai n…
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