ख़ुद अपने ही दिल को अपने हाथों, फिर इस क़दर इतने 'दिलासे' ना रहते, मिल जाती ग़र दो घूँट जो वफ़ा की, तो मोहब्बत के…
Read more »दिल में "भाव" भी होना चाहिए, फ़क़त सिर का झुकाना ही इबादत नहीं..., थोड़ी जज़्बातों की समझ भी होनी चाहिए, दिल का ल…
Read more »फ़क़त इतना ही फ़र्क था, हम दोनों की चाहत और मोहब्बत में, वो वक़्त मिलने पर बात करते थे, और हम वक़्त निकाल कर..! faqat itna h…
Read more »बेशक़ नाराज़गी अब उम्र-भर तुझसे रहेगी बेवफा, पर मोहब्बत तुझसे थी और तुझसे ही रहेगी बेवफा। Beshaq narazgi ab umr-bhar tujh…
Read more »ता-उम्र 'जवा' रहती है वो मोहब्बत.., जो जिस्म से नहीं रूह से हुआ करती है। Ta-umr 'jawa' rahti hai woh mo…
Read more »ख़ैरात में मिली ख़ुशियाँ हम, हरगिज़ 'गवारा' नहीं करते, उन्हें कह दो, एक ही मोहब्बत को हम दोबारा नहीं करते। Khai…
Read more »ना मैं फलक से चाँद तोड़कर लाऊंगा, ना मैं आसमां से तारे तोड़कर लाऊंगा, जितने भी हैं नज़ारे मोहब्बत के ज़मीं पे, तेरे लिए मैं…
Read more »पलकों पे बिठाकर सीने से लगाकर, दिल से तेरी हम इबादत करते, काश... कि कभी तो तुम यार, हमसे हमारी तरहा "मोहब्बत"…
Read more »मोहब्बत में अक्सर बातें लम्बी, और रातें छोटी हुआ करती है..! Mohabbat mein aksar baaten lambi, Aur raaten chhoti hua kar…
Read more »उनसे मोहब्बत है हमकों, लगता है ग़ालिबन उन्हें इतना ख़याल ही नहीं, हम तो ख़फ़ा हैं उनकी बेवफ़ाई से, नफ़रत का तो कोई सवाल ही नह…
Read more »तुझसे मोहब्बत करने की नीयत हमारी नेक थी, हम रोये तेरे लिए " चाहत" जो हमारी तू एक थी । Tujhse mohabbat karne k…
Read more »दूर तलक जो दिखता है फ़लक, उसी को लोग आसमान कहते हैं, दुनियाँ जिसे मोहब्बत कहती है, हम उसे मौत का सामान कहते हैं। Door ta…
Read more »हौसला नहीं हारा हूँ मैं अभी अपना, फ़क़त मोहब्बत की बाज़ी हारी है, मैंने तो सह लिया तेरा हर 'दर्द' बेवफ़ा, सहने की ब…
Read more »मत करो किसी से 'दिखावे' की मोहब्बत.., कोई जीने लगता है पल-पल तुम्हें देखकर। Mat karo kisi se 'dikhave' …
Read more »जलकर चराग़ मोहब्बत के बुझ भी गये, ना दिल से धुआं उठा ना हम राख़ हुये..! Jalkar charag mohabbat ke bujh bhi gaye, Naa …
Read more »तू तोहमत ना लगा मेरी मोहब्बत पे बे-मुरव्वत, मैंने चाहा है तुझें ख़ुदा की 'इबादत' समझ कर। Too tohmat naa laga …
Read more »उल्फ़त में हमने अपनी दिल-ओ-जाँ जिस पर वार दी, अफ़सोस... उसी ज़ालिम ने मोहब्बत हमारी दुत्कार दी। Ulfat mein humne apni dil-…
Read more »हार कर मोहब्बत की बाज़ी, फिर ख़ुद को कैसे सम्भालते हैं, कोई बतलाये हमें, बेवफ़ा यार को दिल से कैसे निकालते हैं। Haar kar m…
Read more »बनाकर वो हमें अपनी मोहब्बत का ख़ुदा, 'इबादत' किसी और की करने लगे...!! Banakar woh humein apni mohabbat kaa khuda…
Read more »मर्ज़-ए-मोहब्बत से हमकों भी शिफ़ा मिल जाती, ग़र वफ़ा के बदले हमकों भी "वफ़ा" मिल जाती..! Marz-e-mohabbat se humkon…
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