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Nafrat shayari...

Nafrat_shayari


दो दिलों में यूँ ही बे-वज़ह तकरार नहीं होती,
हर इक ख़ूबसूरत लड़की वफ़ादार नहीं होती,
और जो करे तुम्हारे जज़्बातों संग खिलवाड़..,
चाहत क्या नफ़रत की भी हक़दार नहीं होती

Do dilon mein yun hi be-wazah takrar nahin hoti,
Har ik khoobsoorat ladki wafadar nahin hoti,
Aur jo kare tumhare jazbaton sang khilwad..,
Chahat kya nafrat ki bhi haqdar nahin hoti



  • तकरार - लड़ाई, झगड़ा, विवाद, बहस, कहा-सुनी, कलह
  • जज़्बात - भावनाएँ, विचार, ख़यालात, जज़्बा, भाव संबंधी
  • खिलवाड़ - खेल, मन बहलाव, क्रीडा, मनोरंजन, शरारत
  • चाहत - चाह, प्रेम, इश्क़, इच्छा, आसक्ति, लगाव, प्रीति
  • हक़दार - अधिकारी, हक़ या अधिकार रखने वाला

  • Article By. Dharm_Singh

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