ख़ुश-नसीब ही नहीं ख़ुश-किस्मत भी थे तुम, जो तुम्हारे हिस्से प्यार का हर मौसम आया, हम ठहरे बद-नसीब अभागे, जो हमारे हिस्से …
Read more »तुझको पाकर खोने की शिक़ायत, हम तो अपनी ही तक़दीर से करते हैं, और जो करनी थी बातें तुझसे बेवफ़ा, वो अब हम तेरी तस्वीर से कर…
Read more »कौन कमबख़्त कहता है, सिला मेरी वफ़ा का वो कम दे गया है, महज़ पल-भर की ख़ुशी के बदले, ता-उम्र का ग़म दे गया है..!! Kaun kamba…
Read more »थोड़ा ढ़लने दे वक़्त के साथ तेरे हुश्न-ओ-शबाब को, बेवफ़ा मुझें तेरे चाहने वालों की 'तादाद' देखनी है..! Thoda dhalne…
Read more »लाज़मी था मेरा उसके झूठे वादों पर ऐतबार करना, पहली मर्तबा सीखा था हमने किसी से प्यार करना। Laazmi tha mera uske jhoothe …
Read more »ख़ैरात में मिली ख़ुशियाँ हम, हरगिज़ 'गवारा' नहीं करते, उन्हें कह दो, एक ही मोहब्बत को हम दोबारा नहीं करते। Khai…
Read more »हमने उन्हें बे-इंतिहा चाहा, ये हमारी चाहत का लिहाज़ था, वो धोके पर धोका देते रहे, ग़ालिबन उनके यही रिवाज़ था। Humne unhein…
Read more »हौसला नहीं हारा हूँ मैं अभी अपना, फ़क़त मोहब्बत की बाज़ी हारी है, मैंने तो सह लिया तेरा हर 'दर्द' बेवफ़ा, सहने की ब…
Read more »बड़ी मुश्किलों से संभाला है मैंने, इस दिल को बेवफ़ा तेरे रंज-ओ-ग़म से, फिर से इसे तेरे हवाले कर देंगें, ऐसी कोई उम्मीद ना …
Read more »तेरी दर्द-ए-जुदाई में रोना मेरा लाज़मी था यार, मैं कोई खिलौना तो नहीं इक आदमी था यार..! Teri dard-e-judai mein rona mera…
Read more »माना के ज़माने से छुपाकर तू, मेरी वफ़ा और तेरी जफ़ा की हर बात रखती होगी, मुझें यक़ीं है कभी तो तू तन्हाई में मुझें याद कर…
Read more »मत करो किसी से उम्मीद-ए-वफ़ा, यहाँ हर किसी की अपनी अलग कहानी है, जिसकी बेवफ़ाई में तुम आँसू बहा रहे हो, आँखों में उसके ना…
Read more »यूँ ही मिलकर मुसाफ़िर मंज़िल से दूर नहीं हुआ करते, कुछ फ़ैसले मेरे यार किस्मत को मंज़ूर नहीं हुआ करते। Yoon hi mil kar …
Read more »गुज़र गया वो "वक़्त" मेरे यार, जब हमकों तुम्हारी तलब हुआ करती थी, इक हसरत थी तेरे संग ज़िन्दगी जीने की, जो बे-मत…
Read more »मुक़द्दर को ही मिलना हमारा गवारा न था, वरना यार इश्क़ हमारा इतना नकारा न था । Muqaddar ko hi milna humara gawara na th…
Read more »ग़ालिबन कुछ मजबूरियां रही होगी उसकी.., वरना बे-इंतिहा मोहब्बत किसको गवारा नहीं। Gaaliban kuchh majbooriyan rahi hogi usk…
Read more »उन्हें हो न हो "यक़ीं", पर मुझें तो मुक़म्मल ऐतबार है, किसने की है वफ़ा और जफ़ा, गवाह परवरदिगार है। Unhein ho na …
Read more »मेरे होंठों से 'हँसी' छीनने वाले.., रब तेरी मुस्कुराहट बरक़रार रखे। Mere honthon se 'hansi' chhinane waa…
Read more »क्या हुआ यार जो उसने हमें छोड़ दिया, वादा उन्हीं का था उन्हीं ने तोड़ दिया...! Kya hua yaar jo usne humein chhod diya, Wa…
Read more »इतिहास गवाह है मेरे दोस्त इस बात का, कि कमल कीचड़ में ही खिला करते हैं, और ये बदनसीबी है दिल से चाहने वालों की, जो …
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