कौन कमबख़्त कहता है, सिला मेरी वफ़ा का वो कम दे गया है,
महज़ पल-भर की ख़ुशी के बदले, ता-उम्र का ग़म दे गया है..!!
Kaun kambakht kahta hai, sila meri wafa kaa woh kam de gaya hai,
Mahaz pal-bhar ki khushi ke badle, ta-umr kaa gum de gaya hai..!!
- सिला - बदला, इनाम, पुरस्कार
- महज़ - केवल, मात्र, सिर्फ
- ता-उम्र - जिंदगी-भर, तमाम-उम्र
- Article By. Dharm_singh

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