ग़र निकला है "चाँद" तो यक़ीनन तारे भी निकलेंगें,
मेरे जनाज़े पर बेवफ़ा आँसू तो तुम्हारे भी निकलेंगें।
Gar nikla hai "chand" toh yaqeenan taare bhi niklengen,
Mere janaze par bewafa aansu toh tumhare bhi niklengen।
- यक़ीनन - नि:संदेह, संभवतः, अवश्य
- जनाज़ा - शव, शवयात्रा, अर्थी, ताबूत, मुर्दा
- Article By. Dharm_Singh

1 टिप्पणियाँ
फ़ैसलों का फ़ैसला आसान नहीं था
जवाब देंहटाएंकौन कहता है दिल परेशान नहीं था
आँसू छिपे थे ख़ामोशी के पीछे
कौन कहता है दर्द का नामो निशान नहीं था
ख़्वाब देखा था उम्र भर साथ का
कौन कहता है कोई अरमान नहीं था
ख़त्म हो गई ज़िंदगी मेरी, मेरे ही सामने
कौन कहता है मेरा नुक़सान नहीं था
फैसलों का फासला आसान नहीं था !!