वो आयेंगें जनाज़े पे मेरे, मेरा दीदार आख़िरी करने को,
कमबख़्त दिल कहीं बग़ावत ना कर बैठे, ऐतबार आख़िरी करने को।
Woh aayengen janaze pe mere, mera deedar aakhiri karne ko,
Kambakht dil kahin bagawat naa kar baithe, aitbaar aakhiri karne ko।
- जनाज़ा - शवयात्रा, लाश, मुर्दा, कफ़न में लिपटा हुआ शव
- दीदार - दर्शन, मुलाक़ात, देखने की क्रिया, साक्षात्कार
- बग़ावत - विद्रोह, बाग़ी होना, किसी के ख़िलाफ़ खड़ा होना
- ऐतबार - भरोसा, विश्वास, यकीन
- Article By. Dharm_Singh

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