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Shiddat shayari...

Shiddat_shayari


शिद्दत से सजाये थे कुछ ख़्वाब, न जाने कहाँ गुम हो गये,
हम "हम" ना रहे अब यार, उनके लिए महज़ तुम हो गये।

Shiddat se sajaye the kuchh khwab, na jaane kahan gum ho gaye,
Hum "hum" naa rahe ab yaar, unke liye mahaz tum ho gaye



  • शिद्दत - लगन, तीव्र भावना, कठिनाई, कष्ट, गंभीरता, अधिकता, प्रबलता, उग्रता
  • ख़्वाब - सपना, स्वप्न, नींद में होना, नींद
  • महज़ - मात्र, सिर्फ़, केवल, निरा, निर्मल, खालिस

  • Article By. Dharm_Singh

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