तुम आना लेकर दो आँसू मेरी लाश पे, सफ़र मेरा आख़िरी ग़मगीन होकर हसीन हो जायेगा,
और मेरे जनाज़े पर ज़्यादा मातम ना करना बेवफ़ा, वरना लोगों का 'शक़' यक़ीन हो जायेगा।
Tum aana lekar do aansoo meri laash pe, safar mera aakhiri gumgeen hokar haseen ho jaayega,
Aur mere janaze par zyada maatam naa karna bewafa, warna logon kaa shaq yaqeen ho jaayega।
- Article By. Dharm_Singh

1 टिप्पणियाँ
"ज़ुनून था किसी के दिल में ज़िंदा रहने का.,
जवाब देंहटाएंनतीजा ये निकला की हम अपने अंदर ही मर गाएं"...
😥😥