Bholenath के दीवाने के लिए हर लफ़्ज़ ही महादेव है। My Alfaaz पर मैं Marudhar Rahi आपके लिए लाया हूँ 20+ दिल को छू लेने वाली Bholenath Shayari और Mahadev Shayari Hindi का सबसे पावरफुल Collection।
यहाँ आपको Mahadev Attitude Shayari, Har Har Mahadev Shayari, और खुद्दारी वाली Bholenath Shayari मिलेगी। अगर आप भी महाकाल के भक्त हैं और अपने Attitude को शायरी में दिखाना चाहते हैं, तो ये शायरियाँ सिर्फ आपके लिए हैं।
Bholenath Shayari in Hindi by Marudhar Rahi
खुद्दारी की दहलीज़ हम कभी लांघते नहीं,
महादेव के सिवा किसी से कुछ माँगते नहीं।
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अब ना शिकवा है ना शिकायत है महादेव,
ग़म दे या ख़ुशी ये तेरी इनायत है महादेव।
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ना हम बहुत मीठे हैं ना ही ज़्यादा ख़ारे हैं,
बस जैसे भी हैं 'भोलेनाथ' भक्त तुम्हारे हैं।
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तू हर-पल मेरे आस-पास रहता है,
ऐसा हमको बाबा विश्वास रहता है।
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मुझको भी तुम अपना ख़ास बना लो बाबा,
चरणों का अपने बस 'दास' बना लो बाबा।
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वक़्त और हालात से तो मैं लड़ जाऊँगा 'महादेव',
तुम बस मेरे विश्वास की डोर को थामे रखना..!
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ऐसा क्या करूं, कि सर पे मेरे हाथ तुम्हारा हो सके,
मुझे इतना तो दे 'महादेव', कि मेरा गुज़ारा हो सके।
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कोई मुझसे पूछे तो बताऊँ बाबा भक्ति क्या है,
तेरे बग़ैर मेरे 'महादेव' मेरी हस्ती क्या है..!
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साँसों का नाता जब तलक जिस्म के साथ रहे,
इल्तिज़ा है मेरे महादेव सर पे मेरे तेरा हाथ रहे।
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मेरी कश्ती बस इक तेरे सहारे है भोलेनाथ,
अब चाहे पार लगा या मार भँवर उसे लात।
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बस इतना क़ाबिल बना दे 'महादेव',
कोई मदद को आये तो खाली न जाये।
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ख़्वाहिशों को मेरी विराम दे,
भक्तों में अपने मुझे नाम दे,
इल्तिज़ा तुझसे इतनी भोले,
चरणों में अपने मुझे धाम दे।
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हे शिव शंकर कैलाशी,
तेरे दर आया तेरे दर्श का अभिलाषी।
सुनलो बाबा तुम मेरी करुण पुकार,
सर पे मेरे हाथ रख कर दो मेरा उद्दार।।
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मैं कौन हूँ क्या हूँ नहीं जानता हूँ,
पर हाँ इतना यक़ीनन मानता हूँ,
मैं तेरे दर का बस इक भिखारी हूँ,
रोज़ तुझसे कुछ न कुछ मांगता हूँ।
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माथे की हर लकीर मिट गई 'महादेव', तेरे दर पर सर रगड़ते-रगड़ते,
फिर भी तकदीर की वो तहरीर ना मिटी, जिस में तूने ग़म लिखा है..!
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और कितना आज़माओगे, अब तो सर पे मेरे अपना हाथ रख दो बाबा,
मैंने वादा किया है अपनी माँ से हर ख़ुशी का, मेरी बात रख दो बाबा।
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- - मरुधर राही ✍️






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