प्यार का एहसास ही कुछ ऐसा होता है कि हर लम्हा रोमांटिक लगने लगता है। अपने दिल की बात को शायरी से बेहतर और क्या बयां कर सकता है। नमस्कार दोस्तों, My Alfaaz पर मैं Marudhar Rahi आपके लिए लाया हूँ Romantic Shayari in Hindi का सबसे बड़ा कलेक्शन।
यहाँ आपको दिल को छू लेने वाली Romantic Shayari, Love Shayari Hindi, और 2 Line and 4 Line Romantic Shayari मिलेगी। अगर आप अपने पार्टनर को इम्प्रेस करना चाहते हैं तो ये शायरियाँ सीधे दिल पर असर करेंगी।
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Romantic Shayari in Hindi by Marudhar Rahi
जी लेने दे ज़िन्दगी, पल दो पल तेरे घने गेसुओं के साए में,
न ये वक़्त लौटकर आएगा, न उम्र का कारवां ठहर पाएगा।
न ये वक़्त लौटकर आएगा, न उम्र का कारवां ठहर पाएगा।
मैं अपने नाम को तेरे नाम से बदनाम करना चाहता हूँ,
ज़िन्दगी की हर सांस फ़क़त तेरे नाम करना चाहता हूँ।
ज़िन्दगी की हर सांस फ़क़त तेरे नाम करना चाहता हूँ।
जो नशा है तेरी आँखों में, वो किसी शराब में नहीं,
जो ख़ुशबू है तेरे बदन में, वो किसी गुलाब में नहीं,
क्या मिसाल दूँ तेरे हुस्न-ओ-शबाब की, ऐ सनम,
जो सादगी है तेरे चेहरे में, वो किसी महताब में नहीं।
जो ख़ुशबू है तेरे बदन में, वो किसी गुलाब में नहीं,
क्या मिसाल दूँ तेरे हुस्न-ओ-शबाब की, ऐ सनम,
जो सादगी है तेरे चेहरे में, वो किसी महताब में नहीं।
थोड़ा क़रीब आओ, उलझे गेसुओं को सँवार दूँ,
अपनी पलकों में बंद करके, नज़र तुम्हारी उतार दूँ,
बड़ी बेचैन, बेकरार, बेताब हैं मेरे दिल की धड़कनें,
आओ सीने से लगाकर, तुम्हें बे-इंतिहा प्यार दूँ..!
अपनी पलकों में बंद करके, नज़र तुम्हारी उतार दूँ,
बड़ी बेचैन, बेकरार, बेताब हैं मेरे दिल की धड़कनें,
आओ सीने से लगाकर, तुम्हें बे-इंतिहा प्यार दूँ..!
वक़्त से तो चुरा लाऊँगा मैं तुम्हारी हर ख़ुशी,
तुम फ़क़त अपनी वफ़ा में कभी कमी न आने देना।
तुम फ़क़त अपनी वफ़ा में कभी कमी न आने देना।
काश कि वक़्त का ये कारवां यहीं ठहर जाए,
और तमाम ज़िन्दगी तेरी बाहों में यूँही गुज़र जाए।
और तमाम ज़िन्दगी तेरी बाहों में यूँही गुज़र जाए।
हम तो तेरे तसव्वुर से ही महक जाते हैं,
ख़ुदा जाने मुलाक़ात का आलम क्या होगा।
ख़ुदा जाने मुलाक़ात का आलम क्या होगा।
तेरा पल-भर भी मुझसे जुदा होना,
मुझे सदियों का एहसास कराता है।
मुझे सदियों का एहसास कराता है।
Kuch Bhi Accha Nahi Lagta Romantic Shayari
कुछ भी तो अच्छा नहीं लगता, मुझे इक तेरे सिवा,
तू क्या चीज़ है, ज़रा ये मेरे दिल से पूछ कर बता।
तू क्या चीज़ है, ज़रा ये मेरे दिल से पूछ कर बता।
जितनी भी गुज़रे, वो फ़क़त तेरी ही आरज़ू में गुज़रे,
ज़िन्दगी उतनी ही अच्छी, जितनी तेरे पहलू में गुज़रे।
ज़िन्दगी उतनी ही अच्छी, जितनी तेरे पहलू में गुज़रे।
कभी वो इठलाती है, तो कभी वो बल खाती है,
क्या कहूँ यारों, उसकी हर अदा क़हर ढाती है।
क्या कहूँ यारों, उसकी हर अदा क़हर ढाती है।
जबसे सनम हम तेरे तसव्वुर में रहने लगे हैं,
लोगों की शिकायत है तकब्बुर में रहने लगे हैं।
लोगों की शिकायत है तकब्बुर में रहने लगे हैं।
हम तो मुलाज़िम हैं तेरे तसव्वुर के,
पगार में रोज़ हमें तेरा दीदार चाहिए।
पगार में रोज़ हमें तेरा दीदार चाहिए।
मैं हर जन्म माँगूँगा तुझे अपने ख़ुदा से,
तुम टकराना मुझसे मेरी तक़दीर बनकर।
तुम टकराना मुझसे मेरी तक़दीर बनकर।
Teri Ghani Zulfon Par Romantic Shayari
तेरी घनी ज़ुल्फ़ों पर बारिश की ये चंद बूँदें,
मुझे तेरी चाहत में बेईमान बना देती हैं...!!
मुझे तेरी चाहत में बेईमान बना देती हैं...!!
तेरे सिवा ज़माने से मेरा कोई वास्ता नहीं,
और जिस राह तू नहीं वो मेरा रास्ता नहीं।
और जिस राह तू नहीं वो मेरा रास्ता नहीं।
एक ही गुनाह को मैं बार-बार करता हूँ,
मैं तुम्हें तुमसे भी ज़्यादा प्यार करता हूँ।
मैं तुम्हें तुमसे भी ज़्यादा प्यार करता हूँ।
जाने क्यों तुम्हें इतना समझ आता नहीं,
तुम्हारे सिवा हमको कुछ भी भाता नहीं।
तुम्हारे सिवा हमको कुछ भी भाता नहीं।
वो निगाहों से निगाहें मिलाकर क़त्ल कर गए,
माशाअल्लाह इसे सादगी कहूँ या उसकी अदा।
माशाअल्लाह इसे सादगी कहूँ या उसकी अदा।
Tarif Kya Karun Romantic Shayari
तारीफ़ क्या करूँ मेरे महबूब तेरे हुस्न-ओ-शबाब की,
रंगत फ़ीकी लगती है सामने तेरे खिलते गुलाब की।
रंगत फ़ीकी लगती है सामने तेरे खिलते गुलाब की।
मासूमियत भरी इन निगाहों में, ये कैसा हुनर रखते हो,
हमीं को नज़र-अंदाज़ करके, हमीं पे नज़र रखते हो।
हमीं को नज़र-अंदाज़ करके, हमीं पे नज़र रखते हो।
कहो तो तुम्हारे लिए दिल रख़ दूँ अपना निकाल कर,
पर क्या फ़ायदा जो तुम रख़ ना सको उसे सम्भाल कर।
पर क्या फ़ायदा जो तुम रख़ ना सको उसे सम्भाल कर।
ख़ुशी में तू है, ग़म में तू है, हमसे ज़्यादा हम में तू है,
ख़ुशी क्या है, ग़म क्या है, तेरे बग़ैर सनम हम क्या है।
ख़ुशी क्या है, ग़म क्या है, तेरे बग़ैर सनम हम क्या है।
कौन कमबख़्त कहता है कि, इश्क़ बे-मज़ा होकर इक सज़ा है,
ग़र हो महबूब-ए-वफ़ा और ख़ुदा की रज़ा, तो मज़ा ही मज़ा है।
ग़र हो महबूब-ए-वफ़ा और ख़ुदा की रज़ा, तो मज़ा ही मज़ा है।
बिन तेरे मेरी हर कहानी अधूरी है,
सांसों से ज़्यादा मुझे तू ज़रूरी है।
सांसों से ज़्यादा मुझे तू ज़रूरी है।
Kas Kar Tham Lo Romantic Love Shayari
कसकर थाम लो तुम हमको अपनी बाँहों में,
कि ख़ुदा भी कभी हमको जुदा न कर पाए।
कि ख़ुदा भी कभी हमको जुदा न कर पाए।
ज़र्रा-ज़र्रा महक उठता है हर-सू बहार छा जाती है,
ख़्वाबों में भी सामने जब सूरत-ए-यार आ जाती है।
ख़्वाबों में भी सामने जब सूरत-ए-यार आ जाती है।
काश... कि ख़ुदा का कोई ऐसा जादू हो जाए,
जितना मेरा है उसका भी दिल बेक़ाबू हो जाए।
जितना मेरा है उसका भी दिल बेक़ाबू हो जाए।
ग़र तड़प वस्ल की दोनों तरफ़ समान हो,
तो कमबख़्त दूरियां भी सुकून दे जाती है।
तो कमबख़्त दूरियां भी सुकून दे जाती है।
होंगे तेरे हुस्न के आशिक़ हज़ार,
हम तो तेरी सादगी के दीवाने हैं।
हम तो तेरी सादगी के दीवाने हैं।
Tum Yun Rutha Na Karo Love Shayari
तुम यूँ रूठा न करो हमसे, हमको मनाना नहीं आता,
हम बातें तो बहुत करते हैं, पर बातें बनाना नहीं आता।
हम बातें तो बहुत करते हैं, पर बातें बनाना नहीं आता।
जब से वो हमसे इश्क़ फ़रमाने लगे हैं,
पल-पल आईना देखकर शरमाने लगे हैं,
कहीं नज़र न लगा दें ये आईने उन्हें,
यही सोचकर अब हम घबराने लगे हैं।
पल-पल आईना देखकर शरमाने लगे हैं,
कहीं नज़र न लगा दें ये आईने उन्हें,
यही सोचकर अब हम घबराने लगे हैं।
कुछ तो बात है यार तुम्हारी बातों में,
हमको नींद नही आती है अब रातों में,
दिल डूबा और हम खोए ही रहते हैं,
हर घड़ी हर वक़्त बस तेरे ख़यालातों में।
हमको नींद नही आती है अब रातों में,
दिल डूबा और हम खोए ही रहते हैं,
हर घड़ी हर वक़्त बस तेरे ख़यालातों में।
सुबह लिखूँ या फिर तुझे शाम लिखूँ,
दिल पे मेरे मुकम्मल तेरा नाम लिखूँ,
गर हो तुझे मेरी तन्हाई का एहसास,
तो बाद-ए-सबा पे नाम तेरे पैग़ाम लिखूँ।
दिल पे मेरे मुकम्मल तेरा नाम लिखूँ,
गर हो तुझे मेरी तन्हाई का एहसास,
तो बाद-ए-सबा पे नाम तेरे पैग़ाम लिखूँ।
कभी निगाहों से निगाहें मिलाकर तो देखो,
चाहत में तुम्हारी हमें आज़माकर तो देखो,
दहकते शोलों पे नंगे पांव चले आएंगे हम,
दिल में शम-ए-मोहब्बत जलाकर तो देखो।
चाहत में तुम्हारी हमें आज़माकर तो देखो,
दहकते शोलों पे नंगे पांव चले आएंगे हम,
दिल में शम-ए-मोहब्बत जलाकर तो देखो।
न शाम का पता न सहर का पता है,
न दिन का पता न दोपहर का पता है,
जबसे हुआ है दीदार तुम्हारा 'ऐ सनम',
न पल का पता न पहर का पता है...!
न दिन का पता न दोपहर का पता है,
जबसे हुआ है दीदार तुम्हारा 'ऐ सनम',
न पल का पता न पहर का पता है...!
जबसे तुझसे प्रीत हुई है,
हर राह मेरी जीत हुई है,
तेरी हँसी से रौशन है मेरा जहाँ,
तेरी चाहत ही मेरी रीत हुई है।
हर राह मेरी जीत हुई है,
तेरी हँसी से रौशन है मेरा जहाँ,
तेरी चाहत ही मेरी रीत हुई है।
Labon Pe Uske Romantic Shayari
लबों पे उसके शरम-ओ-हया की लाली अच्छी लगती है,
रुख़सार पे उसके घने गेसुओं की बाली अच्छी लगती है,
उसकी सादगी पे दिल फ़िदा हुआ है मेरा इस क़दर यारों,
जैसे किसी रिंद को मयखाने की प्याली अच्छी लगती है।
रुख़सार पे उसके घने गेसुओं की बाली अच्छी लगती है,
उसकी सादगी पे दिल फ़िदा हुआ है मेरा इस क़दर यारों,
जैसे किसी रिंद को मयखाने की प्याली अच्छी लगती है।
ना मज़हब देखता है ना धरम देखता है,
ना लिहाज़ देखता है ना शरम देखता है,
कमबख़्त ये इश्क़ बड़ा बेशरम है यार,
सादगी के पीछे जिस्म गरम देखता है..!
ना लिहाज़ देखता है ना शरम देखता है,
कमबख़्त ये इश्क़ बड़ा बेशरम है यार,
सादगी के पीछे जिस्म गरम देखता है..!
लबों का मेरे तुम गीत बन जाओ,
मन का मेरे तुम मीत बन जाओ,
भुला दूं जिसकी चाहत में सारा जहाँ,
ऐसी हमारी तुम प्रीत बन जाओ...!
मन का मेरे तुम मीत बन जाओ,
भुला दूं जिसकी चाहत में सारा जहाँ,
ऐसी हमारी तुम प्रीत बन जाओ...!
यादों की हर याद में तुम ही तुम हो,
मन की हर मुराद में तुम ही तुम हो,
कभी चीरकर देखो तो पता चले तुम्हें,
मेरे दिल-ए-नाशाद में तुम ही तुम हो।
मन की हर मुराद में तुम ही तुम हो,
कभी चीरकर देखो तो पता चले तुम्हें,
मेरे दिल-ए-नाशाद में तुम ही तुम हो।
खिलकर कली गुलाब हुई है,
आँखें उसकी शराब हुई है,
देखकर नज़ारा उसके हुस्न का,
नीयत हमारी ख़राब हुई है..!
आँखें उसकी शराब हुई है,
देखकर नज़ारा उसके हुस्न का,
नीयत हमारी ख़राब हुई है..!
Khwabon Mein Tum Romantic Shayari
ख़्वाबों में तुम, ख़यालों में तुम, अँधेरों में तुम और उजालों में भी तुम ही तुम हो,
तुम ज़िंदगी ही नहीं मेरी, ज़िंदगी के तमाम उलझे सवालों में भी तुम ही तुम हो।
तुम ज़िंदगी ही नहीं मेरी, ज़िंदगी के तमाम उलझे सवालों में भी तुम ही तुम हो।
न सात फेरे न सात वचन, और न ही सात जन्मों का कोई वादा किया,
बस हर लम्हा हर घड़ी तेरे ख़यालों में खोकर, इश्क़ हद से ज़्यादा किया।
बस हर लम्हा हर घड़ी तेरे ख़यालों में खोकर, इश्क़ हद से ज़्यादा किया।
गर्दिशों में तुम कभी घबराना नहीं, ग़ैरों की बातों में कभी आना नहीं,
मैं तेरा तू मेरा जहाँ, इस जहाँ को जहाँ में तन्हा छोड़कर कभी जाना नहीं।
मैं तेरा तू मेरा जहाँ, इस जहाँ को जहाँ में तन्हा छोड़कर कभी जाना नहीं।
चाहत-ए-दिल है कि तेरे हर ग़म को चुराकर, तमाम रोशनी तेरे नाम कर दूं,
और जिसे तू लफ्ज़ों में बयां ना कर पाए, ऐसी तेरी हर सुबहो शाम कर दूं।
और जिसे तू लफ्ज़ों में बयां ना कर पाए, ऐसी तेरी हर सुबहो शाम कर दूं।
हर पल दिल के तेरे पास रहूँगा, दिल से दिल की बातें किया करूँगा,
रख लो न यार तुम हमको, अपने गले का 'हार' बनाकर..!
रख लो न यार तुम हमको, अपने गले का 'हार' बनाकर..!
बनकर हमराह हमसफ़र हमसाया, साथ मेरे तुम हर क़दम चलना,
कायनात भी बदले तो बदले मेरे यारा, पर तुम ना कभी बदलना..!
कायनात भी बदले तो बदले मेरे यारा, पर तुम ना कभी बदलना..!
कमबख़्त तुम्हारी यादें भी, हम पर बड़ा ज़ुल्म-ओ-सितम ढाती है,
जो तुम्हारे आने से पहले, और जाने के बाद बे-इंतिहा आती है..!!
जो तुम्हारे आने से पहले, और जाने के बाद बे-इंतिहा आती है..!!
Humko Bahut Si Shikayatein Hai Romantic Shayari
हमको बहुत-सी शिकायतें हैं उन लम्हों से,
जो तेरे बग़ैर ही गुज़र गए मेरे यारा..!!
जो तेरे बग़ैर ही गुज़र गए मेरे यारा..!!
कुछ हवा महकी-महकी, तो कुछ फ़िज़ा भी बहकी-बहकी है,
लगता है मेरे यार ने, मुझे याद कर तन्हाई संग अंगड़ाई ली है।
लगता है मेरे यार ने, मुझे याद कर तन्हाई संग अंगड़ाई ली है।
क़ातिल उसकी निगाहें है, और क़ातिलाना है उसका हर अंदाज़,
कोई तो बचाए हमको यार, बड़ी मुश्किल में है जान हमारी आज।
कोई तो बचाए हमको यार, बड़ी मुश्किल में है जान हमारी आज।
निगाहों ही निगाहों में गुफ़्तगू हो रही है, और लब ख़ामोश हैं,
आरज़ू-ए-उल्फ़त में होकर बड़े बेक़रार, दो परिंदें मदहोश हैं।
आरज़ू-ए-उल्फ़त में होकर बड़े बेक़रार, दो परिंदें मदहोश हैं।
Jane Man Jane Jaan Romantic Shayari
जाने-मन, जाने-जाँ, जाने-बहार हो तुम,
मेरा पहला और आख़िरी प्यार हो तुम।
मेरा पहला और आख़िरी प्यार हो तुम।
- मरुधर राही ✍️










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