ज़िन्दगी की इस कश्मकश भरी क़ैद से, इक रोज़ मैं भी आज़ाद हो जाऊंगा,
क्यूँ बढ़ाते हो तुम अदावतों का दायरा, मैं तो मोहब्बत से ही बर्बाद हो जाऊंगा।
Zindagi ki is kashmkash bhari qaid se, ik roz main bhi aazad ho jaunga,
Kyun badhate ho tum adawaton kaa dayra, main toh mohabbat se hi barbad ho jaunga।
- कश्मकश - खेंच-तान, आपाधापी, मुसीबत, परेशानी, असमंजस
- क़ैद - बंधन, कारावास, बंदिश, गिरफ्त
- अदावत - शत्रुता, दुश्मनी,वैर, द्वेष
- दायरा - गोल, घेरा, मंडल, वृत, अधिकार या कर्म का क्षेत्र
- Article By. Dharm_Singh

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