कभी अपनो से थोड़ी सी नाराज़गी तो जताकर देखो तुम, बहुत से लोग आएंगे 'साहिब', जलते दिये में घी डालने को। Kabhi apno…
Read more »जिस रोज़ हम तुम्हारे गुनाहों से पर्दा उठाएंगे "लाला", तुम हाथ तो क्या किसी से नज़रें मिलाने लायक ना रहोगे। Jis …
Read more »एक बार अपनी गा*ड़ के घोड़े खोलकर, उनका दम भी आज़मा ले 'लाला', तुझें तेरी औक़ात ही नहीं, हमारी हैसियत भी बा-ख़ूबी पता…
Read more »जो हम नहीं करना चाहते 'लाला', तुम हमसे वही करवा कर मानोगे, तुम अपनी ही हरकतों की वजह से, हमसे गा*ड़ मरवा कर मानो…
Read more »वो हर जगह मुँह मारता फिरता है 'दोस्त', शायद वो कुत्तों के क़बीले से है..!! Woh har jagah munh maarta firta hai &…
Read more »कहीं तुम्हें उस दौलत का गुरूर तो नहीं 'लाला', जो तुम्हारी माँ ने हमारे घर नाच-नाचकर कमाई है। Kahin tumhen us da…
Read more »जो ऊँगली तुम हमारी तरफ़ कर रहे हो 'लाला', उसी को पकड़कर हम तुम्हारी गा*ड में घुसा देंगें, हम तो लिहाज़ करते हैं अप…
Read more »जिस दौलत का तुम हमकों ग़ुरूर दिखा रहे हो 'लाला', उसे तो हम अक्सर "ख़ैरात" में बाँट दिया करते हैं..!!…
Read more »अपने पैसों का गुरूर उन्हें दिखाओ 'लाला', जिन्होनें तुम्हारे बुरे वक़्त को न देखा हो..!! Apne paison kaa guroor u…
Read more »फ़क़त मेरा "Status" देखकर ही तुम्हारी गा*ड में आग लग सकती है, तो खौफ़ खाओ हमसे मुकाबले का तुम्हारे ब्रह्मांड में…
Read more »तुम लगे हो यार दुनियाँ दारी में, और हम लगे हैं सिर्फ हमारी में। Tum lage ho yaar duniyan daari mein, Aur hum lage hain …
Read more »ज़रा अदब और तहज़ीब से बात किया करो आप हमसे.., वरना लहज़े में कड़वाहट और खून में गर्माहट हम भी रखते हैं। Zara adab aur tahze…
Read more »जिन लोगों से मेरी "दुश्मनी" हो जाती है, मेरे भाई की उनसे फिर दोस्ती हो जाती है। Jin logon se meri "dushm…
Read more »मादर चो* ये दुनियाँ इतनी गुणचोर है लाला, सौ गुण भुलाकर एक अवगुण याद रखती है। Maadar cho* yeh duniyan itni gunchor hai l…
Read more »लाख कोशिशों के बावजूद भी, कोई शख्स हमारा होकर हमारा नहीं होता, और दिल से उतरे हुए लोगों का दीदार, आँखों को हरगिज़ गवारा …
Read more »ख़ैरात में मिली ख़ुशियाँ हम, हरगिज़ 'गवारा' नहीं करते, उन्हें कह दो, एक ही मोहब्बत को हम दोबारा नहीं करते। Khai…
Read more »दुश्मनी का इतना ही शौक़ है 'लाला', तो खुलकर सामने आ, यूँ पीठ पीछे तो अक्सर हमने, कुत्तों को भौंकते देखा है...!…
Read more »वक़्त और हालात से टूटकर बिखर जाऊं, इतना तो 'कमजोर' नहीं हूँ मैं, जिसने तुम्हें बनाया है उसी के हाथों का खिलौना ह…
Read more »कुछ गढ़ढ़े पहले से ही खुदे होते हैं, तो फिर कुछ नये और खुदवा लेते हैं, कुछ लोग ज़्यादा ही होशियारी दिखाकर, अपनी मय्या और च…
Read more »लोग मेरी ख़ामोशी को मेरा 'गुरूर' समझने लगे हैं, पर सच तो ये है, कि लोगों का हम फ़ितूर समझने लगे हैं। Log meri kha…
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