कुछ इस तरहा से तबाह हमने अपनी ही ज़िन्दगी कर ली, इक बेवफ़ा हरजाई संग दिल से उसकी 'बन्दगी' कर ली ! Kuchh is taraha…
Read more »आज भी "सुना" पड़ा है दिल का मेरे वो हर इक कोना..., जहाँ बरसों पहले किसी की चाहत के गुल खिला करते थे। Aaj bhi &…
Read more »ज़रा अदब और तहज़ीब से बात किया करो आप हमसे..., वरना लहज़े में कड़वाहट और खून में गर्माहट हम भी रखते हैं। Zara adab aur tahz…
Read more »कुछ ज़ख़्मों का 'मरहम'..., वक़्त के पास भी नहीं हुआ करता। Kuchh zakhmon kaa 'marhum'..., Waqt ke paas bhi …
Read more »वक़्त बदलने का कोई "वक़्त" नहीं होता...!! Waqt badalne kaa Koi "waqt" nahin hota...!! Read more... Ar…
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