जब क़िस्मत और खुदा दोनों हमसे रूठ जाते है, फिर कितने ही बांधो सब्र के बाँध टूट जाते हैं..!! Jab kismat aur khuda donon h…
Read more »न जाने कहाँ से सीख लिया उसने इतना फ़रेब करना..., हम तो जब भी मिलते थे प्यार की ही बातें किया करते थे, Na jaane kahan se …
Read more »"ज़िन्दगी" तुझसे इतनी शिकायत तो रहेगी मुझें, तेरी तलब भी न थी और तू नखरे दिखाती रही मुझें ! "Zindagi"…
Read more »तेरी रहमत के बग़ैर..., मेरी इबादत अधूरी है ! Teri rahmat ke bagair..., Meri ibadat adhuri hai ! Read more... Article By.…
Read more »कुछ ग़लत-फ़हमियाँ थी, पर "ग़लत" नहीं थी...!! Kuch galat-fahmiyan thi, Par "galat" nahin thi...!! Read …
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