बिन पिये ही बोतल शराब की, मैख़ाने में तोड़ दी हमने, देखकर तेरे गुरूर ही हद, तेरी तमन्ना ही छोड़ दी हमने ! Bin piye hi bota…
Read more »लाज़मी था मेरा उसके झूठे वादों पर ऐतबार करना, पहली मर्तबा सीखा था हमने किसी से प्यार करना ! Laazmi tha mera uske jhoothe…
Read more »किसी को सच किसी को झूठ, तो फिर किसी को महज़ इक शक मार जाता है, अपनी औलाद की ख़ुशी ख़ातिर, सगा भाई भी अपने भाई का हक़ मार जा…
Read more »कौन अपना है कौन पराया है, ये हमकों वक़्त ने बतलाया है, ख़ुशियों में मुक़म्मल जहाँ, दर्द में ख़ुद को तन्हा पाया है...!! Kaun…
Read more »कितना अच्छा होता है ना ये बुरा "वक़्त", हर किसी चेहरे से नक़ाब हटा दिया करता है ! Kitna achchha hota hai naa ye…
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