भाव गहरे हो तो अल्फ़ाज़ समझ नहीं आते, मुख़्तलिफ़ हो चहरे तो राज़ समझ नहीं आते, जिनकी नीयत और फ़ितरत में हो दग़ा करना, उन्हें फ़…
Read more »तक़दीर का लिखा यहाँ किसने देखा है, होगा वही जो हाथों में तेरे खिंची रेखा है, तू धर्म की राह पर बस कर्म करता जा.., उसके द…
Read more »चाहत में तेरी दिल ये बेक़रार रहा, दिल पे मेरे ना मेरा इख़्तियार रहा, तेरी यादों ने हर पल मुझें घेरा यूँ.., खुद से ज़्यादा …
Read more »कौन अपना है कौन पराया है, ये हमकों वक़्त ने बतलाया है, ख़ुशियों में मुक़म्मल जहाँ.., दर्द में ख़ुद को "तन्हा" पाय…
Read more »ख़्वाहिशों पर वक़्त के पहरे हुआ करते हैं, हँसती आँखों के ज़ख्म गहरे हुआ करते हैं, कोई क्या ही पहचाने इन्सान की फ़ितरत, एक च…
Read more »हर पल दिल के तेरे पास रहूँगा, दिल से दिल की बातें किया करूँगा, रखलो ना यार तुम हमकों, अपने गले का "हार" बनाकर…
Read more »ना मैं फलक से चाँद तोड़कर लाऊंगा, ना मैं आसमां से तारे तोड़कर लाऊंगा, जितने भी हैं नज़ारे मोहब्बत के ज़मीं पे, तेरे लिए मैं…
Read more »जो गुज़र गया वो न फिर अब मुक़ाम आएगा, मेरे लबों पर कभी ना तेरा अब नाम आएगा, जो आएगा वो फ़क़त औरों के हवाले बेवफ़ा.., आ…
Read more »ये ज़मीं छोड़ जाऊँगा ये आसमां छोड़ जाऊँगा, दुनियाँ की भीड़ में इक-रोज़ तुम्हें तन्हा छोड़ जाऊँगा, तुम रोक ना पाओगे आँखों से अ…
Read more »वफ़ा के किस्से अब पुराने हो गये हैं, इक परिंदे के कई ठिकाने हो गये हैं, कल ही हुई थी पहचान उनसे हमारी, और आज फिर से ह…
Read more »पतझड़ से पहले शजर से पत्ते झड़ते देखे हैं हमने, वक़्त के साथ हालात संवरते-बिगड़ते देखे हैं हमने, तुम किस रिश्तों की दुहाई द…
Read more »ख़ुशी में तू है ग़म में तू है, हमसे ज़्यादा हम में तू है । ख़ुशी क्या है ग़म क्या है.., तेरे बग़ैर सनम हम क्या है। । Khushi m…
Read more »कभी हँसाती है तो कभी रूलाती है ज़िन्दगी, हर अंदाज़ में जीना हमें सिखाती है ज़िन्दगी, कभी मायूस न होना ज़िन्दगी की आज़माइशों …
Read more »एक ही तो वज़ह थी मेरे मुस्कुराने की, उसे भी नज़र लग गई इस ज़माने की, अब आँसुओं के सिवा कुछ ख़ास नहीं, ख़ुशी क्या है ग़म क्या …
Read more »काश... कि कुछ लोग हमसे मिले ना होते, तो ज़िन्दगी से आज इतने गिले ना होते, महक गये घर ग़ैरों के जिन गुलों की ख़ुशबू से, गुल…
Read more »इक अच्छा ख़ासा शख़्स पत्थर हो गया, जिगर में जब उसके यह नश्तर हो गया, ठुकराकर मेरी बे-पनाह मोहब्बत को.., हम-सफ़र रक़ीबों संग…
Read more »आख़िर में जब सबको मिट्टी ही होना है, तो फिर किस लिए इतना रोना धोना है, गहरी नींद तो उसी बिस्तर पर आएगी यार, जिसमें ना को…
Read more »आज-कल के प्यार में ना हया ना उसूल है, करना किसी से उम्मीद-ए-वफ़ा फ़िजूल है, जिसकी चाहत की चाह में तुम रो रहे हो.., वो किस…
Read more »आँखों में अश्क़ दिल उदास लिये फिरता हूँ, ज़माने के सारे ग़म अपने पास लिये फिरता हूँ, होकर जुदा मैं अपने बेवफ़ा हम-सफ़र यार स…
Read more »हर रात की क़िस्मत में चमकता महताब नहीं हुआ करता, हर कली की तक़दीर में खिलता गुलाब नहीं हुआ करता, कुछ बद-नसीब अभागे ऐसे भी…
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