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Bahana shayari...

Bahana_shayari


वो मेरे जज़्बातों पर कफ़न डालकर, ग़ैरों की महफ़िल में जश्न मना रहे हैं,
करके बहाना कुछ काम का, हमसे बात ना करने का 'बहाना' बना रहे हैं।

Woh mere jazbaton par kafan dalkar, gairon ki mahfil mein jashn mana rahe hain,
Karke bahana kuchh kaam kaa, humse baat naa karne kaa 'bahana' bana rahe hain।



  • जज़्बात - भावनाएँ, विचार, ख़यालात, मनोभाव
  • कफ़न - शव वस्र, मृतचेल, शवाच्छादन, शव पर का आवरण
  • ग़ैर - अन्य, दूसरा, कोई और, पराया, बेगाना
  • महफ़िल - सभा, नाच गाने का स्थान, मजमा, अंजुमन, गोष्ठी
  • जश्न - उत्सव, जलसा, समारोह, त्यौहार
  • बहाना - टालमटोल, धोखा, फ़रेब, झूठ बोलना, टालना, छल

  • Article By. Dharm_Singh

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