किसी के लफ़्ज़ किसी के लहज़े, तो फिर किसी के रवैये मार गये,
हमकों पता थी कीमत रिश्तों की, बस ख़ामोश रह कर हम हार गये।
Kisi ke lafz kisi ke lahaze, toh fir kisi ke ravaiye maar gaye,
Humkon pata thi keemat rishton ki, bas khamosh rah kar hum haar gaye।
- लफ़्ज़ - सार्थक शब्द, बात
- लहज़ा - बोलने का ढंग, बोल चाल का तरीका
- रवैया - आचार व्यवहार, चाल चलन
- Article By. Dharm_Singh

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