इन्सान अपने हाथ भी वहीं फैलाता है, जहाँ से उसे कुछ मिलाने की उम्मीद होती है, फिर चाहे वो ख़ुदा का दर हो, या फिर किसी दौल…
Read more »मत पड़ना मेरे दोस्त, तुम कभी भी इन बाबू सोना के चक्कर में, नहीं तो फिर तुझसे बड़ा कोई "भिखारी" न होगा, तेरी टक्…
Read more »ख़ुश-नसीब ही नहीं ख़ुश-किस्मत भी थे तुम, जो तुम्हारे हिस्से प्यार का हर मौसम आया, हम ठहरे बद-नसीब अभागे, जो हमारे हिस्से …
Read more »कब चमकेगा मेरी क़िस्मत का सितारा 'बाबा', अब तो उम्र का सूरज ही डूबने को आया...!! Kab chamkega meri kismat kaa si…
Read more »कौन कमबख़्त कहता है, कि शराब हर "ग़म" भुला देती है, दो घूँट हलक से उतारकर देखो, सब-कुछ याद दिला देती है। Kaun k…
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