चाँद का जिक्र आते ही महबूब का चेहरा याद आ जाता है। चाँद और इश्क का रिश्ता तो सदियों पुराना है। नमस्कार दोस्तों, My Alfaaz पर मैं Marudhar Rahi आपके लिए लाया हूँ दिल को छू लेने वाली Chand Shayari in Hindi का खूबसूरत कलेक्शन।
यहाँ आपको Chand Par Shayari, Chand Mohabbat Shayari, और Romantic Chand Shayari मिलेगी। अगर आप अपने महबूब को चाँद से compare करके शायरी भेजना चाहते हैं, तो ये शायरियाँ आपके लिए perfect हैं।
यहाँ आपको Chand Par Shayari, Chand Mohabbat Shayari, और Romantic Chand Shayari मिलेगी। अगर आप अपने महबूब को चाँद से compare करके शायरी भेजना चाहते हैं, तो ये शायरियाँ आपके लिए perfect हैं।
Chand Shayari in Hindi by Marudhar Rahi
बहक जाते हैं हम तेरी मोहब्बत के नशे में, तो लोग हमें कमअक्ल कहते हैं,
दुनिया जिसे चाँद कहती है मेरे यारा, हम उसे फ़क़त तेरा हमशक्ल कहते हैं।
दुनिया जिसे चाँद कहती है मेरे यारा, हम उसे फ़क़त तेरा हमशक्ल कहते हैं।
छोड़ो भी अब तुम इन चाँद-सितारों को, हम मुक़म्मल आसमां आपके नाम कर देंगे,
तुम आओ तो सही हयात में हमारी, हम अपनी जीस्त-ओ-जां आपके नाम कर देंगे।
तुम आओ तो सही हयात में हमारी, हम अपनी जीस्त-ओ-जां आपके नाम कर देंगे।
आसमां को छोड़कर ज़मीं पर, दूजा हमने तुम्हारे जैसा कोई महताब नहीं देखा,
तू माने या न माने यारा, आँखों ने मेरी तेरे सिवा किसी का कोई ख़्वाब नहीं देखा।
तू माने या न माने यारा, आँखों ने मेरी तेरे सिवा किसी का कोई ख़्वाब नहीं देखा।
हर रात की किस्मत में चमकता महताब नहीं हुआ करता,
हर कली की तक़दीर में खिलता गुलाब नहीं हुआ करता,
कुछ बद-नसीब अभागे ऐसे भी हुआ करते हैं 'मेरे दोस्त',
मुक़म्मल जिनका हम-सफ़र का ख़्वाब नहीं हुआ करता।
हर कली की तक़दीर में खिलता गुलाब नहीं हुआ करता,
कुछ बद-नसीब अभागे ऐसे भी हुआ करते हैं 'मेरे दोस्त',
मुक़म्मल जिनका हम-सफ़र का ख़्वाब नहीं हुआ करता।
लरज़ते होठों पर बरसते हुए गेसुओं का साया है,
तराश-तराश के ख़ुदा ने फ़ुर्सत से तुम्हें बनाया है,
जब भी देखता हूँ तुम्हें तो बस यही लगता है कि,
जैसे आसमां से ज़मीं पर चाँद उतर कर आया है।
तराश-तराश के ख़ुदा ने फ़ुर्सत से तुम्हें बनाया है,
जब भी देखता हूँ तुम्हें तो बस यही लगता है कि,
जैसे आसमां से ज़मीं पर चाँद उतर कर आया है।
'ऐ चाँद', जाकर मेरे चाँद से बस इतना कहना,
मुश्किल हुआ है अब, बिन उसके ज़िंदा रहना।
दिन तो कट जाता है जैसे-तैसे उसकी याद में,
काटे से नहीं कटती, कमबख़्त ये काली रैना..!
मुश्किल हुआ है अब, बिन उसके ज़िंदा रहना।
दिन तो कट जाता है जैसे-तैसे उसकी याद में,
काटे से नहीं कटती, कमबख़्त ये काली रैना..!
चाँद शरमा गया कलियां मुरझा गई,
समंदर ठहर गया आसमां में घटा छा गई,
हम क़त्ल हो गए उनकी इक नज़र से,
आँखों में जब वो सुरमा लगा के आ गई।
समंदर ठहर गया आसमां में घटा छा गई,
हम क़त्ल हो गए उनकी इक नज़र से,
आँखों में जब वो सुरमा लगा के आ गई।
Romantic Chand Shayari - Chand Mohabbat Shayari
ना मैं फलक से चाँद तोड़कर लाऊंगा,
ना मैं आसमां से तारे तोड़कर लाऊंगा,
जितने भी हैं नज़ारे मोहब्बत के ज़मीं पे,
तेरे लिए मैं वो सारे तोड़कर लाऊंगा..!!
ना मैं आसमां से तारे तोड़कर लाऊंगा,
जितने भी हैं नज़ारे मोहब्बत के ज़मीं पे,
तेरे लिए मैं वो सारे तोड़कर लाऊंगा..!!
बेक़रार दिल को मेरे थोड़ा क़रार दे जाओ,
हमको हमारे हिस्से का तुम प्यार दे जाओ,
दिल नहीं भरता है अब तुम्हारी तस्वीर से,
अपने 'चाँद' से चेहरे का दीदार दे जाओ।
हमको हमारे हिस्से का तुम प्यार दे जाओ,
दिल नहीं भरता है अब तुम्हारी तस्वीर से,
अपने 'चाँद' से चेहरे का दीदार दे जाओ।
ऐ चाँद, ज़रा वक़्त पर निकल आना आज,
तेरी दीद की ईद में मेरा चाँद भूखा बैठा है।
तेरी दीद की ईद में मेरा चाँद भूखा बैठा है।
इतनी नज़ाकत से नवाज़ा है ख़ुदा ने मेरे यार को,
चाँद भी रोज़ ज़मीं पर आता है उसके दीदार को।
चाँद भी रोज़ ज़मीं पर आता है उसके दीदार को।
जब तलक इस फ़लक में महताब-ओ-तारे रहेंगे,
ऐ सनम, दिल-ओ-जाँ से हम फ़क़त तुम्हारे रहेंगे।
ऐ सनम, दिल-ओ-जाँ से हम फ़क़त तुम्हारे रहेंगे।
कोई आईना तो दिखाए 'मेरे यार' को,
वो ज़िद कर बैठे हैं, चाँद के दीदार की।
वो ज़िद कर बैठे हैं, चाँद के दीदार की।
Chand Par Shayari - Best Chand Shayari in Hindi
अब क्या मिसाल दूँ तुम्हें यारों, अपने माशूक़ यार की,
वो चाँद भी शरमा गया, जिस 'हूर' का 'नूर' देखकर..!
वो चाँद भी शरमा गया, जिस 'हूर' का 'नूर' देखकर..!
ग़ैरों की अंजुमन में हम, खामखाँ ख़ुद को ख़ास समझ बैठे,
आईने में अक्स देखकर, महताब को अपने पास समझ बैठे।
आईने में अक्स देखकर, महताब को अपने पास समझ बैठे।
पल-भर में दूर हो जाता है दिल का मेरे हर दुखड़ा,
नज़र जब आ जाता है हमको 'चाँद' सा तेरा मुखड़ा।
नज़र जब आ जाता है हमको 'चाँद' सा तेरा मुखड़ा।
हुस्न की तेरे अब क्या 'मिसाल' दूँ,
चाँद का नाम लूँ और बात टाल दूँ।
चाँद का नाम लूँ और बात टाल दूँ।
- मरुधर राही ✍️



0 टिप्पणियाँ