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51+ Yaad Shayari in Hindi [2026] - Marudhar Rahi | MyAlfaaz

यादें कभी पीछा नहीं छोड़ती। कभी किसी की हँसी याद आती है, तो कभी उसकी बातें। जब हम किसी को दिल से चाहते हैं, तो उसकी याद ही हमारी सबसे बड़ी ताकत और कमजोरी बन जाती है। नमस्कार दोस्तों, MyAlfaaz पर मैं Marudhar Rahi, आपके दिल की इसी कमी को पूरा करने के लिए लाया हूँ Yaad Shayari in Hindi का सबसे बड़ा कलेक्शन। इस एक ही पोस्ट में आपको Teri Yaad Shayari, Miss You Shayari, Pyar Ki Yaad Shayari, aur Dosti Yaad Shayari - सब कुछ मिलेगा।

Yaad Shayari in Hindi by Marudhar Rahi - Best Collection

Ek hi dard ko baar baar deti hai yaadein marti nahi maar deti hai yaad shayari in hindi by Marudhar Rahi - MyAlfaaz
एक ही दर्द को बार-बार देती है,
यादें मरती नहीं, 'मार' देती है..!
'यक़ीनन' उन्हें भुला तो दूँ मैं यार,
बशर्ते, पहले वो याद आना छोड़ दे।
'ऐ तबीब', कोई तो ऐसी दवा लिख तू मेरे मर्ज़ की,
याद भी करूं तो, याद न आए मुझे उस कमज़र्फ की।
उल्फ़त की ये कैसी आग लगाकर गए हो यारा...,
पल-पल जल रहे हैं तेरी याद में लेकर नाम तुम्हारा।
मैं वो यादगार लम्हा हूँ तेरी मुक़म्मल 'कहानी' का...,
जो याद तो हर-पल आऊँगा, पर लौटकर कभी नहीं।
जो घटी न अब से पहले, घटना वो अब घट जाए बेवफ़ा,
तेरी याद में मेरे दिमाग की, तमाम नसें फट जाए बेवफ़ा।
नहीं होता अब मुझसे और बेवफ़ा, तेरी यादों का बोझ बर्दाश्त,
तू कर कोई ऐसी दुआ कि, खो दूं मैं अपनी तमाम याद-दाश्त।
रुख़सत हो जाऊँ उसकी यादों से, ऐसी कोई तदबीर नहीं,
वो मिले मुझको ज़माने को छोड़कर, ऐसी मेरी तक़दीर नहीं।
ग़र जा ही रहे हो, तो फिर अब क्या ही तुमसे दलील करना,
याद रखना, याद रहेगा मुझे तेरा इस क़दर 'जलील' करना।
सुन भी ले तू अब इतना, ओ बे-वफ़ा बे-मुरव्वत बे-ख़बर,
ता-उम्र याद रहेगा मुझे तेरा, ये आप से तू तक का सफ़र।
कुछ तेरे संग गुज़र गई ये ज़िन्दगी, कुछ तेरे बग़ैर गुज़ार लेंगे,
आएगी जो कभी तेरी याद, तो तन्हाइयों में जाकर पुकार लेंगे।
किसको है पता किसको है ख़बर, दिल पे मेरे क्या सितम हो रहा है,
चेहरा हँस रहा है, और दिल में किसी की यादों का मातम हो रहा है।
ख़ुदा करे कि बेवफ़ा, तुझे याद करते-करते मेरा दम निकल जाए,
और फिर पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट में, फ़क़त तेरी यादों का ही ज़िक्र आए।
वो जाते-जाते हमारे हवाले, सारे इल्ज़ाम और क़ुसूर कर गए,
कभी जीते थे हम जिन यादों के सहारे, उन्हें वो नासूर कर गए।

Kar De Riha Tu Mujhko Apni Yaadon Se Bewafa

Kar de riha tu mujhko apni yaadon se bewafa ik arsa beet gaya mujhe mujhse hi mile bichhde yaad shayari in hindi by Marudhar Rahi - MyAlfaaz
कर दे रिहा तू मुझको अपनी 'यादों' से बेवफ़ा...,
इक अरसा बीत गया, मुझे मुझसे ही मिले-बिछड़े।
आह पर आह भरकर, करते हैं हम अब ऐसी फ़रियादें,
काश कि कोई चुरा ले हमसे बेवफ़ा, तमाम तेरी यादें।
तेरी यादों की तासीर ने कभी, चैन से सोने न दिया,
रोना जो चाहा, तेरे 'दर्द' की इन्तिहा ने रोने न दिया।
तेरी याद तेरा दर्द, और फिर आँखें मेरी सरोबार,
कितना बढ़ा दिया है बेवफ़ा, तुमने मेरा कारोबार।
ये ज़मीं छोड़ जाऊँगा ये आसमाँ छोड़ जाऊँगा,
दुनिया की भीड़ में इक रोज़ तुम्हें तन्हा छोड़ जाऊँगा,
तुम रोक न पाओगे आँखों से अश्क़ मेरी याद में...,
मैं अपनी यादों का इक ऐसा ‘कारवाँ’ छोड़ जाऊँगा।
तड़पाती है तरसाती है, मीठा सा दिल में इक दर्द जगाती है,
कमबख़्त तेरी यादें ही तो है, दर्द देने से कहाँ बाज़ आती है।
ऐसा कोई पल न गुज़रा, जिस पल मैंने तुझे न याद किया,
उफ़्फ़ बेवफ़ा, तेरी इक याद ने मुझे मुक़म्मल बर्बाद किया।
तेरी हर याद पर दिल से मेरे, आह फ़िर हर दफ़ा निकली,
किस्मत की तरह मेरी, जब तू भी बद और बेवफ़ा निकली।
जितने भी थे अश्क़ आँखों में मेरी, वो तेरी याद में बह गए,
मर-मर कर भी हम बेवफ़ा, तेरी जुदाई का हर दर्द सह गए।
ऐ मेरे दिल-ए-नादाँ, तू इतनी फ़रियाद न किया कर,
जो ठुकरा चुके हैं तुझे, उन्हें इतना याद न किया कर।
हम तो ज़िन्दा हैं फ़क़त इक उन्हें याद करके,
जो भुला बैठे हैं हमको मुक़म्मल बर्बाद करके।
हर-रोज़ एक ही तमाशा बार-बार होता है,
यादों में कोई किसी की ज़ार-ज़ार रोता है।
तन्हाइयों में भी हम, होते नहीं हैं तन्हा अकेले,
दिल में मेरे लगे हैं बेवफ़ा, तेरी 'यादों' के मेले।
लोग बिछड़ जाते हैं, और 'यादें' रह जाती है,
वस्ल मुमकिन नहीं होता, फ़रियादें रह जाती है।
ग़ैरों की बाहों में जब तू, शरमा के सिमटती होगी,
मुझे यक़ीं है, मेरी हर 'याद' तुझसे लिपटती होगी।
इक तेरी बेरुख़ी ने मुझे, जी भर के ख़ूब रुलाया है,
मौत से पहले ही, तेरी यादों की चिता पे सुलाया है।

Zindagi Dab Kar Mar Gayi Ik Bewafa Ki Yaadon Tale

zindagi dab kar mar gayi ik bewafa ki yaadon tale yaad shayari in hindi by Marudhar Rahi - MyAlfaaz
ज़िन्दगी 'दब' कर मर गई,
इक बेवफ़ा की यादों तले।
'सब-कुछ' गंवाने के बाद,
फ़क़त उसकी यादें नसीब हुई।
दिल पे क़यामत ही क़यामत छा जाती है,
उस बेवफ़ा की जब हमें याद आ जाती है।
दिल में मेरे दहकता इक शोला सा जलता है,
जब भी उसकी यादों का सिलसिला चलता है।
तेरे जाने के बाद मेरी, ऐसी कोई रात ना हुई,
जो तेरी याद में, आँखों से मेरे बरसात ना हुई।
बे-पनाह प्यार ही, बे-इंतिहा दर्द की बुनियाद है,
जिन्हें हम याद नहीं, हमें फ़क़त इक वही याद है।
आज फिर से तेरी यादें जवाँ हुई हैं,
आज फिर से तेरे दर्द की इंतिहा हुई है।
महफ़िल में ज़िक्र जब हुआ बेवफ़ाई का,
हमसे फ़क़त तेरा नाम लेने ख़ता हुई है।
चाहत में तेरी दिल ये बेक़रार रहा,
दिल पे मेरे ना मेरा इख़्तियार रहा,
तेरी यादों ने हर पल मुझे घेरा यूँ..,
खुद से ज़्यादा तेरा ही इंतज़ार रहा।
वो मौसम और वो जवानी याद आती है,
वही शाम-ओ-सहर सुहानी याद आती है,
जो गुज़री थी कभी इक बेवफ़ा के संग...,
मुझको तो मेरी वो कहानी याद आती है।
सजदे में सर झुके और लबों पे तेरी फ़रियाद न आए, ऐसा हो नहीं सकता,
रोज़ तन्हाइयों संग शाम ढले और तेरी याद न आए, ऐसा हो नहीं सकता,
है इल्तिज़ा ख़ुदा से दिल तेरा भी तोड़े कोई मेरी तरह, उल्फ़त में बे-मुरव्वत,
फिर मुसलसल मेरा ख़याल तुझे उसके बाद न आए, ऐसा हो नहीं सकता।
मत पूछ मेरे यार कि तेरे जाने के बाद, ज़िन्दगी किस हाल में अपनी गुज़री है,
इतनी तो तुमने साँसें भी नहीं ली होगी, जितनी हमने तेरी याद में आहें भरी है।
कभी हम महफ़िल में तन्हा होते हैं, तो कभी हम तन्हाइयों में तन्हा होते हैं,
इक बेवफ़ा की याद में, चेहरे पर मुस्कान लेकर दिल ही दिल बे-इंतिहा रोते हैं।
कमबख़्त आँखों के अश्क़ भी अब तो, बग़ावत करने लगे हैं हमसे यह कहकर,
कि नहीं रोया जाता अब हमसे और, रोज़ एक ही शख़्स की यादों में खोकर।
तू ख़ुद को कितना ही उलझा के रख बेवफ़ा, ग़ैरों की इन झूठी बातों में,
थोड़ा वक्त गुज़र जाने दे, बहुत याद आऊँगा तुझे मैं ग़म की काली रातों में।
दिल जलता रहा सुलगता रहा किसी की याद में, न धुँआ न राख हुआ,
हमने माँगी थी ख़ुदा से मौत अपनी, अफ़सोस... वो न इत्तफाक हुआ।

Dil Teri Yaadon Se Pareshan Rehta Hai

dil teri yaadon se pareshan rehta hai bas mera hamesha yaad shayari in hindi by Marudhar Rahi - MyAlfaaz
दिल तेरी यादों से परेशां,
रहता है बस मेरा, हमेशा।
वो करता होगा भूले से कभी हमको याद, इतना 'यक़ीं' तो उसने कभी दिलाया ही नहीं,
बेशक़ भुला दिया आज उसने हमें, बा-ख़ुदा जिसे मैंने इक पल भी कभी भुलाया ही नहीं।
कोशिशें लाख कर तू मुझे भुलाने की, ना-कामयाब ही रहेगी अपने इन इरादों में,
मैं वो हस्ती हूँ मेरी जान, जो बाद मरने के भी 'याद' आऊँगा तुझे अपनी यादों में।
कोई कह दे उन्हें जा के जरा, कि तिल-तिल मर रहा हूँ उसकी हर याद में,
करम आख़िरी वो फ़क़त इतना कर दे, मेरी मौत मांग ले ख़ुदा से फ़रियाद में।
दिल में दर्द आँखों में अश्क़, और लबों पर फ़रियाद रहती है,
इक बेवफ़ा को भुलाने की कश्मकश में, हर-पल वही याद रहती है।
दे गया वो 'ज़ख़्म' मुझे ऐसा, जिसकी न फिर कोई दवा लगी,
नासूर की तरह बढ़ता ही गया, जब-जब उसकी यादों की हवा लगी।

Waqt Ke Sath Yaade Bhi Dhundhli Ho Jati Hai

waqt ke sath yaadein bhi dhundhli ho jati hai yaad shayari in hindi by Marudhar Rahi - MyAlfaaz
वक़्त के साथ...,
यादें भी धुंधली हो जाती है।
- मरुधर राही ✍️

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