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101+ Broken Heart Shayari in Hindi | Broken Heart Sad Shayari | MyAlfaaz

जब चारों दिशाओं से ग़मों ने आकर दिल को इस कदर जकड़ लिया हो कि साँस लेना भी बोझ लगने लगे, तब अंदर का दर्द लफ्ज़ों में बयां करना सबसे मुश्किल होता है। उसी घुटन, उसी बिखराव और उसी अनकहे दर्द को आवाज़ देती है हमारी ये Broken Heart Shayari in Hindi। नमस्कार दोस्तों, मैं Marudhar Rahi आपके सीने में दबी हुई हर टीस को समेट कर इस पोस्ट में लेकर आया हूँ। MyAlfaaz पर सजे इस खास कलेक्शन में 101+ ऐसी शायरियां हैं जो आपके टूटे हुए एहसास को सुकून देंगी।

Broken Heart Shayari in Hindi - टूटे दिल की दर्द भरी शायरी

Koi de de saza mujhe mere apne hi gunahon ki maine apni hi khwahishon ka berehmi se gala ghonta hai - Marudhar Rahi Broken Heart Shayari in Hindi - MyAlfaaz
कोई दे दे 'सज़ा' मुझे मेरे अपने ही गुनाहों की..,
मैंने अपनी ही ख़्वाहिशों का बेरहमी से गला घोंटा है।
मत पूछ मेरे यार सफ़र ने हमसे क्या-क्या छीना है,
हम फ़क़त इकलौते गवाह हैं, अपने 'हादसों' के...!
समंदर से भी गहरा है दरिया-ए-दर्द ‘मरूधर राही’,
बेहतर होगा, तुम अपनी कश्ती साहिल से लगा लो।
कोई दुहाई न दे अब हमको इन झूठे रिश्तों की..,
एक ही रिश्ते पर हम अपना सब-कुछ गँवा बैठे हैं।
ये किस कलम से लिख दी ख़ुदा तूने मेरी तकदीर,
हर ख़ुशी दरवाज़े से ही मुँह मोड़कर चली जाती है।
जब क़िस्मत और खुदा दोनों हमसे रूठ जाते है,
फिर कितने ही बांधो सब्र के 'बाँध' टूट जाते हैं।
किससे करूँ शिकायत, किससे करूँ मैं गिला,
जो था मेरे नसीब में, मुझको वही तो है मिला।
तमाम उम्र गुज़र गई इसी ग़लत-फ़हमी में,
कि शायद कभी तो वक़्त बे-वक़्त बदलेगा।
टूटकर बिखरना तो फिर मेरा 'नसीब' था,
मैं दिल से अमीर होकर दौलत से ग़रीब था।
हर कोई रो रहा होगा फ़क़त मुझे छोड़कर,
सो जाऊँगा जिस रोज़ मैं 'क़फ़न' ओढ़कर।

खामोशियां और अधूरे ख्वाबों की Broken Heart Shayari

Koi dakhal andazi na kare hamari khamoshiyon se hum abhi apni khwahishon ki mayyat saja rahe hain - Marudhar Rahi Broken Heart Shayari - MyAlfaaz
कोई दखल-अंदाज़ी ना करे हमारी ख़ामोशियों से,
हम अपनी ही ख़्वाहिशों की 'मय्यत' सजा रहे हैं।
जिस रोज़ मैं दुनिया की भीड़ में कहीं खो जाऊँगा,
यक़ीन मानो दोस्तों फिर मैं भी अच्छा हो जाऊँगा।
ज़िन्दगी ही तो है 'साहिब'..., जैसे-तैसे गुज़र जाएगी,
जब मैं ही मर जाऊंगा, तो कमबख़्त ये भी मर जाएगी।
हर दुआ और सजदा मेरा फ़िर यूँ ही फ़िजूल गया..,
मुक़द्दर में ही मेरे जब ख़ुदा इशरत लिखना भूल गया।
ऐ मेरे मालिक मैंने ऐसा भी किसी का क्या बिगाड़ा है,
जो हर आशियाँ मेरा बसने से पहले ही तूने उजाड़ा है।
कमाल का लेख लिखा है विधाता तुने मेरी तक़दीर में,
मिलाया भी तो उससे जो न था मेरे हाथों की लकीर में।

Bakhsh De Mujhko Jaan Meri Shayari - Marudhar Rahi

Bakhsh de mujhko jaan meri mere khuda main tere hi to hathon ka khilona hun - Marudhar Rahi Sad Shayari
बख़्श दे मुझको जान मेरी मेरे खुदा,
मैं तेरे ही तो हाथों का 'खिलौना' हूँ।
उसने कुछ लोगों से झूठी उम्मीदें लगा ली होगी 'मुर्शद',
वरना उसे यूँ हार कर मौत को न गले लगाना पड़ता..!
जज़्बातों को जलाकर अरमानों को दफ़न कर दिया,
मैंने इक जिन्दा लाश के हवाले अब कफ़न कर दिया।
अहसासों के समंदर में बिखरे हुए अल्फ़ाज़ ढूंढ़ता हूँ,
दर्द-ए-दिल को दे चैन-ओ-क़रार ऐसे साज़ ढूंढ़ता हूँ।
उन आँखों में फिर नए ख़्वाब कहाँ सजा करते हैं,
दर्द के दरिया जिनमें मुसलसल बहा करते हैं...!!

बेरहम तकदीर पर दर्द भरी शायरी - Marudhar Rahi

Bada beraham aur bedard hi hoga wo jisne meri aisi taqdeer likhi hai har khushi ke badle faqat gamo ki mukammal jageer likhi hai - Marudhar Rahi Broken Heart Shayari - MyAlfaaz
बड़ा बेरहम और बेदर्द ही होगा वो, जिसने मेरी ऐसी तक़दीर लिखी है,
हर ख़ुशी के बदले, फ़क़त 'ग़मों' की मुक़म्मल जागीर लिखी है..!!
दस्तूर है ये दुनिया का 'साहिब'.., वो सितम भी बड़े कमाल से करती है,
जीते-जी जीने नहीं देती, बाद मरने के मातम भी बड़े मलाल से करती है।
कभी-कभी 'जी' करता है कि, अपने ही हालात पर जी-भर के रोऊँ,
कमबख़्त फिर ख़याल ये आ जाता है कि, चुप कौन कराएगा मुझको।
फ़क़त चंद तस्वीरों में सिमट कर रह गई, मुस्कान मेरे इस चेहरे की..,
वक़्त और हालात ने तो मुझसे, मेरे मुस्कुराने का हुनर ही छीन लिया।
हम किसी का दुःख दर्द सुनकर, सिर्फ अंदाज़ा लगा सकते हैं बस,
बल्कि उस दर्द की हद और रफ़्तार तो, सहने वाला ही जानता है..!
मेरी हँसी पे रोने वालों, तुम कभी मेरे साथ मुस्कुराकर तो देखो,
कितना मुश्किल है दर्द को दबाकर हँसना, आज़माकर तो देखो।

सबसे ज्यादा दर्द भरी Broken Heart Shayari - MyAlfaaz

Sab kuch badal gaya waqt ke sath kambakht bas ek taqdeer ko chodkar - Marudhar Rahi Broken Heart Shayari - MyAlfaaz
सब-कुछ बदल गया वक़्त के साथ..,
कमबख़्त बस इक 'तक़दीर' को छोड़कर।
'ऐ ख़ुदा' तू इतने भी न मेरे इम्तिहान ले,
कि नतीज़े से पहले ही मेरी जान निकले।
जो कह दिए वो अल्फ़ाज़ थे,
जो कह न पाए वो जज़्बात थे,
मेरा हाल-ए-दिल वही समझ सके,
जिसके मेरे जैसे हालात थे...!
क्या सोचा था और क्या हो गया है,
हर ख़्वाब न जाने कहाँ खो गया है,
लगता है नसीबा मेरा मुझसे पहले,
जाकर मेरी 'क़ब्र' में सो गया है...!!
- मरुधर राही ✍️

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