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Dua shayari...

Dua_shayari


हर दुआ और सजदा मेरा फ़िर यूँ ही फ़िजूल गया..,
मुक़द्दर में ही मेरे जब ख़ुदा इशरत लिखना भूल गया।

Har dua aur sajda mera fir yoon hi fijool gaya..,
Muqaddar mein hi mere jab khuda ishrat likhna bhool gaya



  • सजदा - घुटने या माथा टेककर या सिर झुकाकर प्रणाम करना या ईश्वरीय आराधना करना
  • फ़िजूल - व्यर्थ, बेकार, निरर्थक, बेमतलब, फालतू
  • इशरत - ख़ुशी, आनंद, मौज-मस्ती, आराम, सुख, चैन, हर्ष, ऐशो-आराम, भोग-विलास

  • Article By. Dharm_Singh

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