जब पूरी दुनिया कहती है कि अब कुछ नहीं हो सकता, तब जिंदगी वहीं से एक नया मोड़ लेती है।
नमस्कार दोस्तों, मैं Marudhar Rahi और आप पढ़ रहे हैं MyAlfaaz। अगर हिम्मत जवाब दे रही है और मन हार मानने लगा है, तो आप बिल्कुल सही जगह आए हो।
यहाँ मैंने आपके लिए Best Motivational Quotes in Hindi का सबसे बड़ा कलेक्शन तैयार किया है। ये कोट्स गिरे हुए इंसान को भी दौड़ना सिखा देंगे और आपको याद दिलाएंगे कि आपकी कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।
नमस्कार दोस्तों, मैं Marudhar Rahi और आप पढ़ रहे हैं MyAlfaaz। अगर हिम्मत जवाब दे रही है और मन हार मानने लगा है, तो आप बिल्कुल सही जगह आए हो।
यहाँ मैंने आपके लिए Best Motivational Quotes in Hindi का सबसे बड़ा कलेक्शन तैयार किया है। ये कोट्स गिरे हुए इंसान को भी दौड़ना सिखा देंगे और आपको याद दिलाएंगे कि आपकी कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।
Zindagi Motivational Shayari in Hindi by Marudhar Rahi
कभी अपनी बे-हिसाब उम्मीदों का, दामन मत छोड़ना 'मेरे दोस्त',
अक्सर ज़िंदगी वहीं से यू-टर्न लेती है, जहाँ सारे रास्ते बंद हो जाते हैं।
अक्सर ज़िंदगी वहीं से यू-टर्न लेती है, जहाँ सारे रास्ते बंद हो जाते हैं।
ना शिकवा, ना शिकायत, और ना ही किसी से कोई गिला किया करो,
ज़िंदगी के हर पल को तुम, फ़क़त आख़िरी पल समझकर जिया करो।
ज़िंदगी के हर पल को तुम, फ़क़त आख़िरी पल समझकर जिया करो।
वक़्त और हालात से टूटकर बिखर जाऊं, इतना तो कमजोर नहीं हूँ मैं,
जिसने तुम्हें बनाया है उसी के हाथों का खिलौना हूँ, कोई और नहीं हूँ मैं।
जिसने तुम्हें बनाया है उसी के हाथों का खिलौना हूँ, कोई और नहीं हूँ मैं।
उड़ने दो तुम खुले आसमान में, इन अफ़वाहों की धूल को,
कामयाबी की बूँदें जब बरसेंगी, धूल ख़ुद-ब-ख़ुद ज़मीं पे जा बैठेगी।
कामयाबी की बूँदें जब बरसेंगी, धूल ख़ुद-ब-ख़ुद ज़मीं पे जा बैठेगी।
ना ग़ुरूर है मुझे ना गुमान है, बस ख़ुद को इतना यक़ीन है,
आसमान में वही परिंदे उड़ते हैं, पैरों तले जिनके ज़मीन है।
आसमान में वही परिंदे उड़ते हैं, पैरों तले जिनके ज़मीन है।
इनायत जब हुई ख़ुदा की, तो 'मुक़म्मल' मेरा हर ख़्वाब हो गया,
लोग मेरी झूठी तारीफें करते रहे, और मैं सच में कामयाब हो गया।
लोग मेरी झूठी तारीफें करते रहे, और मैं सच में कामयाब हो गया।
Guzar Jayega Mushkil Waqt Motivational Shayari
गुज़र जाएगा ये 'मुश्किल' वक़्त भी बन्दे, तू थोड़ा इत्मिनान तो रख,
शिक़ायतों का सिलसिला छोड़कर, ज़िन्दगी से थोड़े अरमान तो रख।
शिक़ायतों का सिलसिला छोड़कर, ज़िन्दगी से थोड़े अरमान तो रख।
तलब हो पीने की, तो लोग ज़हर को भी दवा समझ कर पी जाते हैं,
हो हसरत ज़िन्दगी जीने की, तो हालात कैसे भी हो लोग जी जाते हैं।
हो हसरत ज़िन्दगी जीने की, तो हालात कैसे भी हो लोग जी जाते हैं।
जीवन इतना सरल और सहज भी नहीं है, यहाँ हर चीज़ की कीमत चुकानी पड़ती है,
मरने तक जिंदा रहकर, ख़ुद अपने ही कंधों पर अपनी जिंदा लाश उठानी पड़ती है।
मरने तक जिंदा रहकर, ख़ुद अपने ही कंधों पर अपनी जिंदा लाश उठानी पड़ती है।
जी-चाहे जितना सता ले और आज़मा ले 'ऐ ज़िन्दगी', पर हार कभी न मानूँगा,
मुझे ख़ुद पे भरोसा ही इतना है कि, इक रोज़ तुझे तुझसे ही जीत कर दिखाऊंगा।
मुझे ख़ुद पे भरोसा ही इतना है कि, इक रोज़ तुझे तुझसे ही जीत कर दिखाऊंगा।
Zindagi Ke Do Pehlu Motivational Shayari in Hindi
ज़िंदगी के फ़क़त दो ही 'पहलू' हुआ करते हैं मेरे दोस्त..,
एक में बेहिसाब ख़्वाहिशें, तो दूसरे में हालातों के साथ समझौता।
एक में बेहिसाब ख़्वाहिशें, तो दूसरे में हालातों के साथ समझौता।
अच्छी नहीं है ये 'रंजिशें', इनमें न किसी को आराम आता है,
मिल-जुल कर रहा करो, इन्सान ही इन्सान के काम आता है।
मिल-जुल कर रहा करो, इन्सान ही इन्सान के काम आता है।
अपने रंज-ओ-ग़म में, किसी को शामिल नहीं होने देता हूँ मैं,
ग़र आए आँखों में आँसू भी, तो अब ख़ुद ही पोंछ लेता हूँ मैं।
ग़र आए आँखों में आँसू भी, तो अब ख़ुद ही पोंछ लेता हूँ मैं।
कोई हँसकर छुपा लेता है, तो कोई रो-रोकर बता देता है,
यहाँ हर किसी का दर्द-ए-दिल, एक जैसा कहाँ होता है।
यहाँ हर किसी का दर्द-ए-दिल, एक जैसा कहाँ होता है।
सब्र कर 'मरुधर राही', पतझड़ है तो बसंत भी होगा,
तेरे दु:खों का कभी, कहीं न कहीं कोई अंत भी होगा।
तेरे दु:खों का कभी, कहीं न कहीं कोई अंत भी होगा।
कभी बुझने न देना तुम, अपनी उम्मीदों के चराग़,
सुना है कभी-कभी वक़्त, बे-वक़्त बदल जाता है।
सुना है कभी-कभी वक़्त, बे-वक़्त बदल जाता है।
Jab Khud Ko Hi Hai Sehna Sad Shayari
जब ख़ुद को ही है सहना,
तो औरों से क्या कहना।
तो औरों से क्या कहना।
हर समस्या का हल होता है,
आज नहीं तो कल होता है।
आज नहीं तो कल होता है।
गर्दिशों में सितारे जब हमारे होते हैं,
सलाह के तौर पर लोगों के सहारे होते हैं।
सलाह के तौर पर लोगों के सहारे होते हैं।
जिसने भी ज़िन्दगी को जीने की ठानी है,
उसने फ़िर हालातों से कहाँ हार मानी है।
उसने फ़िर हालातों से कहाँ हार मानी है।
ना डर-डरकर जियो, ना मर-मरकर जियो,
ज़िंदगी अनमोल है साहिब, खुलकर जियो।
ज़िंदगी अनमोल है साहिब, खुलकर जियो।
जो दिल में आया, मैं वो लिखता चला गया,
वक़्त था, वक़्त के साथ बदलता चला गया।
वक़्त था, वक़्त के साथ बदलता चला गया।
Waqt Badalne Ka Koi Waqt Nahi Hota
'वक़्त' बदलने का,
कोई वक़्त नहीं होता।
कोई वक़्त नहीं होता।
दर्द में जिसने मुस्कुराना सीख लिया,
मानो ज़िन्दगी को जीना सीख लिया।
मानो ज़िन्दगी को जीना सीख लिया।
जीस्त-ए-दश्तो-गरेबाँ सुलझ ही जाएगी,
बशर्ते, सफ़र-ए-मुसाफ़िर मुक़म्मल हो जाए।
बशर्ते, सफ़र-ए-मुसाफ़िर मुक़म्मल हो जाए।
जो नेक है, वो हर-दम नेकी को ही चुनेगा,
ख़ुदा मेरा भी है, इक रोज़ मेरी भी सुनेगा।
ख़ुदा मेरा भी है, इक रोज़ मेरी भी सुनेगा।
Apne Armaano Ko Pankh Lagane Ke Liye
अपने अरमानों को 'पंख' लगाने के लिए,
कुछ ख़्वाहिशों का गला घोंटना पड़ता है।
कुछ ख़्वाहिशों का गला घोंटना पड़ता है।
कभी हँसाती है तो कभी रूलाती है ज़िन्दगी,
हर अंदाज़ में जीना हमें सिखाती है ज़िन्दगी,
कभी मायूस न होना ज़िन्दगी की आज़माइशों से,
मंजिल से पहले कदम-कदम आज़माती है ज़िन्दगी।
हर अंदाज़ में जीना हमें सिखाती है ज़िन्दगी,
कभी मायूस न होना ज़िन्दगी की आज़माइशों से,
मंजिल से पहले कदम-कदम आज़माती है ज़िन्दगी।
मतलब के इन रिश्तों को, ग़लत-फ़हमियों में ही रहने दो,
ग़र परखने लग जाओगे, तो टूटकर ख़ुद बिखर जाओगे।
ग़र परखने लग जाओगे, तो टूटकर ख़ुद बिखर जाओगे।
Taqdeer Ko Vahi Dosh Dete Hain
तक़दीर को वही 'दोष' देते हैं,
जो संघर्ष करना नहीं जानते।
जो संघर्ष करना नहीं जानते।
जब दर्द ही दर्द हो अपने सीने में,
तो हर्ज़ क्या है मुस्कुराकर जीने में।
तो हर्ज़ क्या है मुस्कुराकर जीने में।
भले ही जीवन में ग़लतियां तुम हज़ार करना,
और बेहतर बनना है, तो उन्हें स्वीकार करना।
और बेहतर बनना है, तो उन्हें स्वीकार करना।
Waqt Se Bada Koi Sikandar Nahi Hota
वक़्त से बड़ा कोई सिकन्दर नहीं होता,
दर्द न होता तो आँखों में समन्दर नहीं होता,
हमने बख़ूबी देखा है लोगों को बड़े क़रीब से,
जो जैसा दिखता है वैसा अन्दर नहीं होता।
दर्द न होता तो आँखों में समन्दर नहीं होता,
हमने बख़ूबी देखा है लोगों को बड़े क़रीब से,
जो जैसा दिखता है वैसा अन्दर नहीं होता।
किसी के बुरे वक़्त में उसका सहारा न बन सको, तो उससे किनारा भी मत करना 'साहिब',
हो सकता है कोई तुम्हारे पास, तुम्हें अपनी आख़िरी उम्मीद और सहारा समझकर आया हो।
हो सकता है कोई तुम्हारे पास, तुम्हें अपनी आख़िरी उम्मीद और सहारा समझकर आया हो।
- मरुधर राही ✍️








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