त्योहार सिर्फ खुशियाँ ही नहीं, बल्कि दिल के एहसासों को बयां करने का भी सबसे खूबसूरत मौका होते हैं। जब होली के रंगों में प्यार घुलता है, दिवाली के दीयों में यादें जगमगाती हैं और नए साल पर कोई अपना बहुत याद आता है, तब एक अच्छी शायरी दिल की बात कह देती है।
नमस्कार दोस्तों MyAlfaaz पर मैं Marudhar Rahi आपके लिए लाया हूँ सबसे बेहतरीन Festival Shayari in Hindi। इस एक ही पोस्ट में आपको Holi, Diwali, New Year, Makar Sankranti और Raksha Bandhan Shayari का सबसे बड़ा Collection मिलेगा।
🪔 Diwali Sad Shayari
दिया है जो 'दर्द' तूने मुझे बेवफ़ा, उसे भुलाऊं कैसे,
आँखों में अश्क़ लेकर, दीप ख़ुशियों के जलाऊं कैसे।
आँखों में अश्क़ लेकर, दीप ख़ुशियों के जलाऊं कैसे।
जिसका दिल ही रहता हो हर वक़्त ख़ाली-ख़ाली,
उसके लिए क्या दीप और क्या ही हैप्पी दीवाली।
उसके लिए क्या दीप और क्या ही हैप्पी दीवाली।
रौशन हमने जिसकी हर राह और शाम-ओ-सहर कर दी,
अफ़सोस... वही ज़िन्दगी में मेरी अँधेरा करके चला गया।
अफ़सोस... वही ज़िन्दगी में मेरी अँधेरा करके चला गया।
तू जला खुशियों के दीप बेवफ़ा, मैं अपने ग़मों का मातम मना रहा हूँ,
जो लगाकर गई है आग मेरे आशियाने में, उसे अश्क़ों से बुझा रहा हूँ।
जो लगाकर गई है आग मेरे आशियाने में, उसे अश्क़ों से बुझा रहा हूँ।
🎨 Holi Sad Shayari
नफ़रत सी हो गई है हमको इन 'रंगों' से,
जबसे उस बेवफ़ा ने अपना रंग बदला है।
जबसे उस बेवफ़ा ने अपना रंग बदला है।
मुबारक हो उन्हें यह रंगों भरा त्यौहार होली,
जो हमको ठुकराकर किसी और की 'हो' ली।
जो हमको ठुकराकर किसी और की 'हो' ली।
ख़ुदा क़ुबूल कर हर इल्तिज़ा मेरी इस होली में,
ख़ुशियाँ तमाम डाल दे मेरे अपनों की झोली में।
ख़ुशियाँ तमाम डाल दे मेरे अपनों की झोली में।
दिल में मेरे फ़क़त यही मलाल होगा,
रुख़सार पे तेरे ग़ैरों का गुलाल होगा।
रुख़सार पे तेरे ग़ैरों का गुलाल होगा।
रंग बदलने वालों से फ़क़त इतनी 'गुज़ारिश' है मेरी,
होली पर अपना रंग बदल कर तौहीन-ए-रंग न करें।
होली पर अपना रंग बदल कर तौहीन-ए-रंग न करें।
उनको भी मुबारक हो यह रंगों भरा त्यौहार होली,
जो पल-पल अपना रंग बदल कर करते हैं आँख-मिचौली।
जो पल-पल अपना रंग बदल कर करते हैं आँख-मिचौली।
❤️ Romantic Holi Shayari
ज़र्द चेहरे पे तेरे सुर्ख़ गुलाल कमाल लगती है,
हुस्न से इक तू ही हमको मालामाल लगती है,
सादगी की फ़क़त इक तू ऐसी ज़िंदा मिसाल..,
जो बिना श्रृंगार भी बाख़ुदा बेमिसाल लगती है।
हुस्न से इक तू ही हमको मालामाल लगती है,
सादगी की फ़क़त इक तू ऐसी ज़िंदा मिसाल..,
जो बिना श्रृंगार भी बाख़ुदा बेमिसाल लगती है।
देवर को लगे है गुड़ से मीठी भाभी की बोली,
और भाभी को देवर की और से 'हैप्पी' होली।
और भाभी को देवर की और से 'हैप्पी' होली।
जो ना टूटे जन्मों जन्म, ऐसा तुझे मैं अपना अटूट संग दूँ,
छोड़ इन बनावटी रंगों को, आ तुझे मैं अपने रंग में रंग दूँ।
छोड़ इन बनावटी रंगों को, आ तुझे मैं अपने रंग में रंग दूँ।
💫 Raksha Bandhan Shayari
वैसे तो हर मतलबी रिश्ते ने मुझे, दिल से अपने निकाल रखा है,
बस माँ-बापू के दुलार, और बहना तेरे प्यार ने मुझे संभाल रखा है।
बस माँ-बापू के दुलार, और बहना तेरे प्यार ने मुझे संभाल रखा है।
वो भाई कितना बद-नसीब और अभागा होगा,
कलाई पर न जिसके आज रेशम का धागा होगा।
कलाई पर न जिसके आज रेशम का धागा होगा।
🪁 Makar Sankranti Shayari
मन की पतंग आपकी खुशियों के आसमान में उड़ती रहे जज़्बातों की डोर से,
आप सभी प्रियजनों को मकर-संक्रांति की ढ़ेरों शुभकामनाएं हमारी और से।
आप सभी प्रियजनों को मकर-संक्रांति की ढ़ेरों शुभकामनाएं हमारी और से।
उन्हें भी मुबारक हो यह मकर-संक्रांति का त्यौहार,
जो अपनों से दाव-पेच खेलने में बड़े "माहिर" हैं..!!
जो अपनों से दाव-पेच खेलने में बड़े "माहिर" हैं..!!
🎉 New Year Shayari
उधर वो बेवफ़ा बेमुरव्वत, ख़ुशियाँ मना रही है नये साल की,
इधर इंतिहा हो रही है, उसके रंज-ओ-ग़म और मलाल की।
इधर इंतिहा हो रही है, उसके रंज-ओ-ग़म और मलाल की।
साल बदल रहा है फ़क़त, मेरा 'मलाल' नहीं..,
तेरे रंज-ओ-ग़म से बेवफ़ा, ठीक मेरा हाल नहीं।
तेरे रंज-ओ-ग़म से बेवफ़ा, ठीक मेरा हाल नहीं।
साल तो फ़िर हर साल बदले,
मज़ाल कि कभी हाल बदले।
मज़ाल कि कभी हाल बदले।
दिल में ना आपके कोई मलाल रहे,
हर ख़ुशी से आप बस मालामाल रहे,
करते हैं हम यही इल्तिज़ा ख़ुदा से..,
आने वाला साल आपका बेमिसाल रहे।
हर ख़ुशी से आप बस मालामाल रहे,
करते हैं हम यही इल्तिज़ा ख़ुदा से..,
आने वाला साल आपका बेमिसाल रहे।
- मरुधर राही ✍️







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