खुदा को ढूंढना आसान है, खुदा में खुद को खोना मुश्किल है। कभी वो सुकून बनकर दिल में बसता है, तो कभी दर्द में एक आस बनकर याद आता है।
नमस्कार दोस्तों, मैं Marudhar Rahi और आप पढ़ रहे हैं MyAlfaaz।
यहाँ मैंने आपके लिए Khuda Shayari in Hindi का सबसे बड़ा और दिल को छू लेने वाला कलेक्शन तैयार किया है। यहाँ आपको Khuda Shayari 2 Line, Sad Khuda Shayari, Khuda Aur Mohabbat Shayari, Ya Khuda Shayari, Khuda Se Shikayat Shayari और Khuda Par Bharosa Shayari मिलेगी। जब दुनिया साथ छोड़ देती है, तब खुदा ही एक आखिरी उम्मीद होता है - और यही एहसास इन शायरियों में है।
नमस्कार दोस्तों, मैं Marudhar Rahi और आप पढ़ रहे हैं MyAlfaaz।
यहाँ मैंने आपके लिए Khuda Shayari in Hindi का सबसे बड़ा और दिल को छू लेने वाला कलेक्शन तैयार किया है। यहाँ आपको Khuda Shayari 2 Line, Sad Khuda Shayari, Khuda Aur Mohabbat Shayari, Ya Khuda Shayari, Khuda Se Shikayat Shayari और Khuda Par Bharosa Shayari मिलेगी। जब दुनिया साथ छोड़ देती है, तब खुदा ही एक आखिरी उम्मीद होता है - और यही एहसास इन शायरियों में है।
Khuda Shayari - Khuda Se Dua Aur Shikayat Shayari
ऐ मेरे 'मालिक', मेरी इबादत में ऐसी क्या कमी रह गई,
जो तुझसे बेख़बर, मेरा दर्द और आँखों की नमी रह गई।
जो तुझसे बेख़बर, मेरा दर्द और आँखों की नमी रह गई।
मरने की लाख वज़ह है, नहीं है जीने का एक भी सबब,
इसे तेरी इनायत समझूँ, या फिर मेरी बद-किस्मती मेरे रब।
इसे तेरी इनायत समझूँ, या फिर मेरी बद-किस्मती मेरे रब।
'ऐ ख़ुदा', तू थोड़ा और इज़ाफ़ा कर मेरे रंज-ओ-ग़म में,
मेरे दुश्मनों के चेहरों पर, ये उदासियाँ अच्छी नहीं लगती।
मेरे दुश्मनों के चेहरों पर, ये उदासियाँ अच्छी नहीं लगती।
ऐ मेरे मालिक, तू फ़क़त मुझ पे इतनी इनायत कर दे,
ज़्यादा नहीं, मेरी मेहनत का फल मेरी झोली में भर दे।
ज़्यादा नहीं, मेरी मेहनत का फल मेरी झोली में भर दे।
बड़े बेबस नज़र आ रहे हैं मेरी मन्नतों के धागे,
ख़ुदा तेरी रहमत और मेरी क़िस्मत के आगे..!
ख़ुदा तेरी रहमत और मेरी क़िस्मत के आगे..!
Khuda Shayari 2 Line - Zikr E Khuda Shayari
ज़िक्र क्या करना जिस्म का, तेरा भी ख़ाक और मेरा भी ख़ाक,
इल्तिज़ा फ़क़त ख़ुदा से इतनी, इरादे नेक और नज़रे रहे पाक।
इल्तिज़ा फ़क़त ख़ुदा से इतनी, इरादे नेक और नज़रे रहे पाक।
ग़र 'ख़ुदा'..., तेरी मुझ पर थोड़ी रहमत और इनायत हो जाए,
तो तमाम मुश्किलें आसां होकर, दूर मेरी हर मुसीबत हो जाए।
तो तमाम मुश्किलें आसां होकर, दूर मेरी हर मुसीबत हो जाए।
हक़ीक़त से मुँह मोड़कर, यूँही ख़्वाबों के पीछे भागता रहा,
जो मुक़द्दर में ही नहीं था मेरे, मैं वही ख़ुदा से माँगता रहा।
जो मुक़द्दर में ही नहीं था मेरे, मैं वही ख़ुदा से माँगता रहा।
न दौलत है न शोहरत है, बस चन्द साँसों की मोहलत है,
उन साँसों का भी क्या ऐतबार, जो ख़ुदा की बदौलत है।
उन साँसों का भी क्या ऐतबार, जो ख़ुदा की बदौलत है।
Khuda Kare Sad Shayari By - Marudhar Rahi
ख़ुदा करे कि, कोई इतना भी अभागा और बदनसीब न हो,
मुकम्मल जहाँ तो हो, पर जहाँ में उसका कोई हबीब न हो।
मुकम्मल जहाँ तो हो, पर जहाँ में उसका कोई हबीब न हो।
मेरी सज़ा में तो फ़क़त ख़ुदा की रज़ा थी,
तुमने खामखाँ अपनी औक़ात बड़ा ली।
तुमने खामखाँ अपनी औक़ात बड़ा ली।
ये कैसी दुनिया बनाई है तूने मेरे ख़ुदा,
यहाँ इन्सान ही है इंसानियत से जुदा।
यहाँ इन्सान ही है इंसानियत से जुदा।
Ya Khuda Shayari - Fariyaad E Khuda Shayari
ख़ुदा उनकी भी तुम करना खैर,
जो बे-वज़ह रखते हैं हमसे बैर।
जो बे-वज़ह रखते हैं हमसे बैर।
कश्ती को मेरी किनारा दे दे,
जीने का कोई सहारा दे दे,
तू सुन रहा है फ़रियाद मेरी,
ऐसा कोई मुझे इशारा दे दे।
जीने का कोई सहारा दे दे,
तू सुन रहा है फ़रियाद मेरी,
ऐसा कोई मुझे इशारा दे दे।
Ya Allah Shayari - Eid Mubarak Shayari
'या अल्लाह' बन्दों पे अपने रहमत तू करना..,
मुक़म्मल हर दिल की हसरत और आरज़ू करना।
मुक़म्मल हर दिल की हसरत और आरज़ू करना।
- मरुधर राही ✍️





0 टिप्पणियाँ