यूँ ना हँसो मेरी मुफ़लिसी पर साहिब, हम दिल के बड़े अमीर हैं,
होंगें तुम बादशाह फ़रेब के, हम तो मोहब्बत में हुए फ़क़ीर हैं..!!
Yoon naa hanso meri muflisi par saahib, hum dil ke bade ameer hain,
Hongen tum baadshah fareb ke, hum toh mohabbat mein huye faqeer hain..!!
- मुफ़लिसी - ग़रीबी, ग़रीब, निर्धनता, निर्धन, कंगाल, दुखमय अवस्था
- अमीर - धनवान, संपन्न, दौलतमंद, धनी, मालदार
- बादशाह - राजा, सम्राट, नरेश, तख़्त-ओ-ताज वाला, शासन, राजत्व, मालिक, राजसिंहासन पर बैठने वाला
- फ़रेब - छल, कपट, धोखा, चालाकी, धूर्तता, ठगी, जालसाज़ी, चालबाज़, कपटी, धूर्त, ठग
- फ़क़त - सिर्फ, केवल, बस, ख़त्म
- मोहब्बत - प्रेम, स्नेह, प्यार, इश्क़, मित्रता, दोस्ती, यारी, ममता, मोह, चाह, चाहत
- फ़क़ीर - निर्धन, भिखारी, भिक्षुक, मंगता, सन्यासी, दरवेश, आसक्त
- Article By. Dharm_Singh

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