अब क्या ही 'ज़िक्र' करें उस बेवफ़ा की बेवफ़ाई का,
दिल भर गया मोहब्बत से मेरी बस उस हरजाई का।
Ab kya hi 'zikr' karen us bewafa ki bewafai ka,
Dil bhar gaya mohabbat se meri bas us harjai ka।
- ज़िक्र - चर्चा, वर्णन, संक्षिप्त कथन, बयान, उल्लेख
- हरजाई - कुलटा, वेश्या,रंडी, आवारा, व्याभिचारिणी स्त्री
- Article By. Dharm_Singh

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