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Aaina shayari...

Aaina_shayari


ग़ैरों की अंजुमन में खामखाँ हम ख़ुद को ख़ास समझ बैठे,
आईने में अक्स देखकर महताब को अपने पास समझ बैठे।

Gairon ki anjuman mein hum khamkhan khud ko khaas samjh baithe,
Aaine mein aks dekhkar mahtab ko apne paas samjh baithe।



  • ग़ैर - अन्य, दूसरा, कोई और, पराया, बेगाना, अनजाना
  • अंजुमन - महफ़िल, सभा, गोष्ठी, कमेटी, समिति
  • खामखाँ - व्यर्थ ही, बिना कारण, बिना आवश्यकता के
  • ख़ास - विशेष, विशिष्ट
  • अक्स - परछाई, छाया, चित्र, प्रतिबिम्ब, तस्वीर, साया, कापी
  • महताब - चाँद, चन्द्रमा

  • Article By. Dharm_Singh

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