अब नहीं खेलनी 'मुर्शद', हमें इश्क़ की बाज़ी,
बेवफ़ाई के बग़ैर, इसमें जीत मुमकिन नहीं..!
Ab nahin khelni 'murshad', humein ishq ki baazi,
Bewafai ke bagair, ismein jeet mumkin nahin..!
- बाज़ी - दावं, खेल, करतब, तमाशा
- बग़ैर - बिना, रहित, सिवा, न होने की अवस्था में
- मुमकिन - संभव, संभाव्य, होने वाला, जो हो सके
- Article By. Dharm_Singh

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