कश्ती में हमारी फ़िर वही छेद किया करते हैं,
बयाँ जिनसे हम अपना हर भेद किया करते हैं!
Kashti mein humari fir wahi chhed kiya karte hain,
Bayan jinse hum apna har bhed kiya karte hain !
- कश्ती - नाव, नौका, नैया
- बयाँ - व्याख्यान, चर्चा, बखान, जिक्र, वृतांत, वर्णन
- भेद - रहस्य, छिपी हुई बात
- Article By. Dharm_Singh

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