जितनी भी गुज़रे, वो फ़क़त तेरी ही आरज़ू में गुज़रे,
ज़िन्दगी उतनी ही अच्छी, जितनी तेरे पहलू में गुज़रे।
Jitni bhi guzre, woh faqat teri hi aarzoo mein guzre,
Zindagi utni hi achchhi, joitni tere pahloo mein guzre।
- फ़क़त - सिर्फ, केवल, बस
- आरज़ू - इच्छा, कामना, अभिलाषा, चाहत, ख्वाहिश, तमन्ना
- पहलू - पार्श्व, बगल, करवट
- Article By. Dharm_Singh

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