किसी के लफ़्ज़ किसी के लहज़े, तो फिर किसी के रवैये मार गये,
हमकों पता थी कीमत रिश्तों की, बस ख़ामोश रह कर हार गये !
Kisi ke lafz kisi ke lahaze, toh fir kisi ke ravaiye maar gaye,
Humkon pata thi keemat rishton ki, bas khamosh rah kar haar gaye !
- लफ़्ज़ - सार्थक शब्द, बात
- लहज़ा - बोलने का ढंग, बोल चाल का तरीका
- रवैया - आचार व्यवहार, चाल चलन
- Article By. Dharm_Singh

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