बज़्म और महफ़िलों में तो "अक्सर" शौर ही हुआ करते हैं,
लोग बाहर से कुछ तो अंदर से कुछ और ही हुआ करते हैं।
Bazm aur mahfilon mein toh "aksar" shaur hi hua karte hain,
Log baahar se kuchh toh andar se kuchh aur hi hua karte hain।
- बज़्म - सभा, गोष्ठी, संगठन
- महफ़िल - जलसा, सभा, संगीत समारोह या नाच-गाना होने का स्थान, आदमियों का मज़मा
- Article By. Dharm_Singh

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