मेरी इस बे-रंग ज़िन्दगी में, अब कोई 'रंग' बाक़ी ना रहा,
जाम उल्फ़त के जो आँखों से पिलाता था, वो साक़ी ना रहा।
Meri is be-rang zindagi mein, ab koi 'rang' baaqee naa raha,
Jaam ulfat ke jo aankhon se pilata tha, woh saaqee naa raha।
- बेरंग - रंगहीन, बदरंग, जिसका कोई रंग न हो, बिना किसी रंग
- उल्फ़त - प्यार, मोहब्बत, इश्क
- साक़ी - शराब पिलाने वाला या पिलाने वाली
- Article By. Dharm_Singh

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