बेक़रार दिल को मेरे थोड़ा क़रार दे जाओ,
हमकों हमारे हिस्से का तुम प्यार दे जाओ,
दिल नहीं भरता है अब तुम्हारी तस्वीर से,
अपने "चाँद" से चेहरे का दीदार दे जाओ !
Beqarar dil ko mere thoda qarar de jaao,
Humkon humare hisse ka tum pyar de jaao,
Dil nahin bharta hai ab tumhari tasveer se,
Apne "chand" se chehre ka deedar de jaao !
- Article By. Dharm_Singh

1 टिप्पणियाँ
फ़ैसलों का फ़ैसला आसान नहीं था
जवाब देंहटाएंकौन कहता है दिल परेशान नहीं था
आँसू छिपे थे ख़ामोशी के पीछे
कौन कहता है दर्द का नामो निशान नहीं था
ख़्वाब देखा था उम्र भर साथ का
कौन कहता है कोई अरमान नहीं था
ख़त्म हो गई ज़िंदगी मेरी, मेरे ही सामने
कौन कहता है मेरा नुक़सान नहीं था
फैसलों का फासला आसान नहीं था
😥😥