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Ishq ki aag...

Ishq_ki_aag


ना किसी के जलाने से जलेगी, ना किसी के बुझाने से बुझेगी,
ये इश्क़ की आग, मुक़म्मल 'राख़' होने तक सुलगती ही रहेगी।

Naa kisi ke jalane se jalegi, naa kisi ke bujhane se bujhegi,
Yeh ishq ki aag, mukammal 'raakh' hone tak sulgati hi rahegi



  • इश्क़ - प्रेम, मुहब्बत, आशिक़ी, गहरी चाहत, अनुराग
  • मुकम्मल - सम्पूर्ण, समाप्त, पूरा, सारा, ख़त्म, अन्त

  • Article By. Dharm_Singh

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