सोचा ही न था कभी, कि मिलकर हम फ़िर जुदा होंगे,
नाम-ए-वफ़ा वो बेवफ़ा, कभी रक़ीबों पर फ़िदा होंगे।
Socha hi na tha kabhi, ki milkar hum fir juda honge,
Naam-e-wafa woh bewafa, kabhi raqeebon par fida honge।
- जुदा - अलग, पृथक, भिन्न, मख्तलिफ़, बिछड़ना, जुदाई
- नाम-ए-वफ़ा - वफ़ा के नाम
- रक़ीब - प्रेमिका का दूसरा प्रेमी, प्रतिद्वंदी, प्रतिस्पर्थी
- फ़िदा - किसी पर न्योछावर या बलिदान करना, किसी पर मर मिटना
- Article By. Dharm_Singh

0 टिप्पणियाँ